'ऊसूलों पर शहादत देने वालों को भुलाया नहीं जा सकता'
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने अपने कुनबे और साथियों के साथ मैदान-ए-कर्बला में शहीद होना कबूल किया लेकिन ऊसूलों के लिए सच्चाई और हक के रास्ते को नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि मोहर्रम का दिन हमें उनकी शहादत की याद दिलाता है और कठिन दौर में भी अल्लाह पर भरोसा करते हुए नेक राह पर चलने का पैगाम देता है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को नमन करते हुए कहा कि हमें उनके आदर्शो को आत्मसात करते हुए जीवन में चुनौतियों का दृढ़ता से मुकाबला करने का संकल्प लेना चाहिए।
गहलोत ने कहा कि मोहर्रम का दिन अन्याय और अत्याचार के विरूद्घ हजरत इमाम हुसैन के आखिरी दम तक संघर्ष की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्बला के मैदान पर सच्चाई और हक के लिए बलिदान देकर उन्होंने बेमिसाल नजीर पेश की, जो सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
राजस्थान विधानसभाध्यक्ष दीपेन्द्र शेखावत ने कहा है कि उसूलों के लिए शहादत देने वाले सदैव याद किए जाते हैं और वे दुनिया में सदैव अमर रहते हैं। मोहर्रम पर अपने खिराजे-ए-अकीदत में उन्होंने कहा कि पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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