वृंदा ने की राठौर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
इस मुलाकात के बाद वृंदा ने संवाददाताओं से कहा, "हम चाहते हैं कि राठौर की सजा को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार सक्रिय हो और इस मामले की जांच दोबारा की जाए।"
हुड्डा से मुलाकात के दौरान रुचिका की मित्र और इस मामले की एकमात्र गवाह अराधना के माता-पिता भी वृंदा के साथ थे। माकपा नेता ने कहा, "मुख्यमंत्री ने हमारी बातों को सहानुभूति के साथ सुना। उन्होंने कहा कि उनकी समझ से इस मामले की फिर से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानूनी सलाह लेने के बाद वह उचित कदम उठाएंगे।"
उन्होंने कहा, "हमने यह भी मांग की है कि मुख्यमंत्री के अधीन एक समित का गठन किया जाए जो राठौर को मिले राजनीतिक संरक्षण और पदोन्नतियों की जांच करे।"
वृंदा ने कहा, "इस मामले के दो पहलू हैं। पहला न्यायिक है तो दूसरा राजनीतिक। राठौर की जमानत रद्द करके उसे जेल भेजा जाना चाहिए और उसे राजनीतिक शरण देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।"
गौरतलब है कि 12 अगस्त, 1990 को हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक राठौर ने 14 वर्षीय रुचिका के साथ दुर्व्यवहार किया था और इसके तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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