तेलंगाना: केंद्र को अल्टीमेटम

उमर फ़ारूक़
बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद से
आंध्र प्रदेश में तेलंगाना के मुद्दे पर बनी ज्वाइंट एक्शन कमिटी (जेएसी) ने फ़ैसला किया है कि केंद्र सरकार को तेलंगाना के गठन के बारे में स्पष्ट घोषणा के लिए 28 दिसंबर तक का समय दिया जाए.
जेएसी का कहना है कि अगर केंद्र सरकार ने 28 दिसंबर तक तेलंगाना के गठन कि प्रक्रिया शुरु करने की घोषणा नहीं की तो 29 दिसंबर से तेलंगाना क्षेत्र में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी.
जेएसी में कांग्रेस और टीआरएस के नेता है जबकि विपक्षी तेलुगु देशम पार्टी के नेताओ ने जेएसी छोड़कर तेलंगाना साधना समिति का गठन किया है जो अपने स्तर पर तेलंगाना के लिए लड़ेगी.
दबाव बनाने की रणनीति के तहत जेएसी ने लोगों से अपील की है कि वो आने वाले दिनों में अपना प्रदर्शन जारी रखें लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से.
कमिटी की बैठक में तेलंगाना राष्ट्र समिति के नेता चंद्रशेखर राव और कांग्रेस की तरफ़ से पूर्व गृह मंत्री जना रेड्डी. मौजूदा मंत्रि दामोदर रेड्डी और कई सांसद और विधायकों ने हिस्सा लिया.
तेदेपा की रणनीति
तेलुगु देशम पार्टी ने शुक्रवार की शाम ज्वाइंट एक्शन कमिटी से किनारा कर लिया है.
पार्टी नेता चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उनके वरिष्ठ विधायक एम जर्नादर रेड्डी के साथ ओस्मानिया विश्वविद्यालय में की गई मारपीट के कारण उन्होंने ये फ़ैसला किया है.
नायडू ने इस हमले के लिए टीआरएस नेता राव को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि यह तेलुगु देशम को कमज़ोर करने के लिए की गई हरकत थी और अगर आगे ऐसे हमले हुए तो वो खामोश नहीं बैठेंगे.
टीआरएस ने इसका खंडन किया है और कहा है कि नायडू तेलंगाना के नेताओं को लड़ाने की कोशिश कर रहे हैं.
तेदेपा के तेलंगाना वाले विधायकों ने तेलंगाना साधना समिति बनाई है जो तेलंगाना के लिए लड़ेगी.
इस्तीफ़े ही इस्तीफ़े
अलग तेलंगाना राज्य के लिए सांसदों और विधायकों के इस्तीफ़ों के बाद अब तेलंगाना क्षेत्र से चुनकर आए राज्य मंत्रिमंडल के 13 मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दे दिया है.
इस्तीफ़ा देने वाले मंत्रियों में जे गीता रेड्डी, डी श्रीधर राव, पोन्नला लक्ष्मैय्या के नाम प्रमुख हैं. इन मंत्रियों ने सचिवालय में मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की और सामूहिक इस्तीफ़ा सौंप दिया.
इनकी मांग है कि तेलंगाना के गठन के मुद्दे पर केंद्र सरकार स्पष्ट प्रतिबद्धता जाहिर करे. मंत्रियों ने मुख्यमंत्री के रोसैया को इस्तीफ़ा सौंपा है और इस्तीफ़े की प्रति कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी भेज दी है.
तेलंगाना से चुन कर आए मंत्रियों की बैठक के बाद उच्च शिक्षा मंत्री श्रीधर बाबू ने कहा, '' हमारे लिए सत्ता और पद महत्वपूर्ण नहीं है. हमारे लिए तेलंगाना का महत्व है.''
राज्य विधानसभा की नेता और पूर्व में सूचना मंत्री रहीं गीता रेड्डी का कहना था कि केंद्रीय गृह मंत्री का ताज़ा बयान स्पष्ट नहीं है और ज़रुरत है कि एक समय सीमा देने की जिसमें तेलंगाना राज्य के गठन की बात स्पष्ट हो.
इस बीच वारंगल में कुछ लोगों ने सिंचाई मंत्री पी लक्ष्मैय्या के घर पर हमला किया और सामान नष्ट कर दिया. वो मांग कर रहे थे कि लक्ष्मैय्या तेलंगाना के मुद्दे पर तुरंत इस्तीफ़ा दें.
इसे देखते हुए सभी मंत्रियों के घरों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.












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