अयोध्या और मोदी को हटाने पर वाजपेयी से मतभेद थे : आडवाणी
वाजपेयी के 86वें जन्मदिन के मौके पर आडवाणी ने एक अंग्रेजी दैनिक में लिखे अपने एक लेख के माध्यम से यह स्वीकारोक्ति की है। इस लेख के जरिए उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना से लेकर आज तक वाजपेयी के साथ बिताए लम्हों व अनुभवों को याद किया है।
आडवाणी के मुताबिक, "सभी नीतिगत मुद्दों पर वह (वाजपेयी) मुझसे सलाह किया करते थे और यदि किसी मुद्दे पर मेरे विचार उनके विचार से मेल नहीं खाते तो वह उसे आगे नहीं बढ़ाते थे। हम दोनों के बीच ऐसी समझ थी।"
उन्होंने कहा कि ऐसी समझ होने के बावजूद हमारे बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद थे। उन्होंने लिखा, "भाजपा का अयोध्या आंदोलन से सीधे तौर पर जुड़ने को लेकर वह सहमत नहीं थे लेकिन उन्होंने पार्टी के सामूहिक फैसले को स्वीकार किया। ऐसा करके उन्होंने दिखाया के उनके विचार विश्वास और स्वभाव से भी पूरी तरह लोकतांत्रिक हैं।"
आडवाणी ने इस लेख में यह भी स्वीकार किया कि गोधरा कांड के बाद गुजरात में फैले दंगों के मद्देनजर मोदी को हटाने के सवाल पर वाजपेयी की राय अलग थी। उन्होंने कहा, "अटलजी चाहते थे कि मोदी से इस्तीफा मांगा जाए। बहुत लोगों से चर्चा के बाद मैं इस बात से सहमत था कि मोदी को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है।"
आडवाणी ने लेख के जरिए यह भी बताया कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक ही संगठन में रहते हुए किन्हीं दो व्यक्तियों का इतने लंबे समय तक दोस्ती की इस मजबूत भावना के साथ काम करने का उदाहरण शायद ही मिले।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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