सिटी बैंक ने अमेरिकी सरकार को 20 अरब डॉलर लौटाए
वाशिंगटन, 24 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारतीय मूल के अमेरिकी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विक्रम पंडित के नेतृत्व वाले बैंकिंग समूह सिटीग्रुप ने शीर्ष 100 कर्मचारियों की तनख्वाहों सहित अन्य सरकारी प्रतिबंधों से छुटकारा पाने के लिए अमेरिकी सरकार को राहत पैकेज की 20 अरब डॉलर की रकम वापस कर दी।
पिछले वर्ष सिटीग्रुप ने अमेरिका के 'ट्रबल्ड असेट रिलीफ प्रोग्राम' (टीएआरपी) के तहत 45 अरब अमेरिकी डॉलर की राहत हासिल की थी। सिटीग्रुप ने आम शेयरों के माध्यम से 17 अरब डॉलर और 3.5 अरब डॉलर के परिवर्तनीय नोट्स के माध्यम से सरकार को चुकाने के लिए यह रकम उगाही।
इस वर्ष एक तीसरे राहत पैकेज में अमेरिकी सरकार ने सिटीग्रुप के 25 अरब डॉलर मूल्य के अपने शेयरों को आम शेयरों में बदलने और अन्य 20 अरब डॉलर के ऋण को प्रतिभूति जैसे कर्जो में बदलने पर सहमत हो गई।
सरकार के पास अभी भी सिटीग्रुप के 5.3 अरब डॉलर मूल्य की प्रतिभूतियां और आम शेयरों में 28 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। वित्त विभाग का इरादा इनको वर्ष 2010 में बेचने का है।
उधर वेल्स फार्गो एंड कंपनी ने भी बुधवार को कहा कि उसने 25 अरब डॉलर सरकार को वापस कर दिए। बैंक ऑफ अमेरिका ने भी इस महीने के आरंभ में टीएआरपी को 45 अरब डॉलर वापस करने की अपनी योजना की घोषणा करके निवेशकों को आश्चर्यचकित कर दिया था।
बैंकों के सरकारी कर्ज लौटाने की होड़ से संकेत मिलता है कि निजी धन अब इन बैंकों को उपलब्ध होने लगा है। परंतु विश्लेषकों का मानना है कि यह सरकार के प्रभाव के प्रति बैंकों के प्रतिरोध को भी दर्शाता है। सरकार ने बैंकों के बड़े अधिकारियों के बेलगाम वेतन और उनके उन्मुक्त तरीके से कार्य करने पर रोक लगाई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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