भूटान नरेश और मनमोहन के बीच वार्ता
नवंबर 2008 में भूटान का औपचारिक रूप से राजा बनने के बाद 29 वर्षीय नरेश की यह पहली विदेश यात्रा है। भूटान नरेश सोमवार शाम छह दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे।
मंगलवार सुबह राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया गया। उसके बाद उन्होंने राजघाट में महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने युवा नरेश से ताजमहल होटल स्थित उनके सुइट में भेंट की। इसके बाद मेहमान हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री से मिलने गए।
प्रधानमंत्री और भूटान नरेश के बीच एकांत में हुई चर्चा के बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। इसके बाद दोनों पक्षों ने जलविद्युत, नागरिक उड्डयन, स्वास्थ्य और आईटी के क्षेत्र में करीब एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
भारत ने पहले ही चुखा, कुरिचु और तला में तीन बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण में मदद दी है। भारत पुनात्सांगचु-1 परियोजना के निर्माण भी मदद कर रहा है।
भूटान को वर्ष 2020 तक 10,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता के निर्माण में मदद करने की घोषणा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वर्ष 2008 में की थी।
भूटान नरेश के उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से मुलाकात करने की उम्मीद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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