निर्वासित तिब्बती प्रशासन पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज के सभी वगरें को जागरूक बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने व्यापक अभियान आरंभ किया है, जिसमें लोगों को पर्यावरण, जल व विद्युत बचत के महत्व की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन शैली की बढ़ती मांग के कारण पर्यावरण का निरंतर ह्रास हो रहा है, जिसे रोकने की आवश्यकता है। बिगड़ता पर्यावरण सम्पूर्ण मानव जाति के लिए एक चेतावनी है, जिसे यदि समय रहते ठीक नहीं किया गया तो सभी को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
प्रो़ धूमल ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है और इस कार्य में स्वंयसेवी संस्थाओं, पंचायती राज संस्थाओं और आम जन का सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में निर्वासित तिब्बती सरकार की पहल का स्वागत करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पौधरोपण कार्यक्रम में निर्वासित तिब्बती सरकार का स्वागत करती है। प्रदेश में रह रहे तिब्बती स्वेच्छा से राज्य सरकार के पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों में सहायता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में सभी का सहयोग ही इसे जन अभियान बना सकता है।
प्रो़ धूमल ने निर्वासित तिब्बती प्रशासन की उस पहल का स्वागत किया, जिसमें निर्वासित तिब्बती प्रशासन ने बौद्घ मठों के आसपास पौधरोपण का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में धार्मिक नेताओं की पहल निश्चित तौर पर समाज के अन्य वगरें को भी इसके लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री प्रो़ एस़ रिंपोछे का राज्य सरकार के प्रयासों में साथ देने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए भी प्रेरणादायक है।
प्रो़ सामदोग रिंपोछे ने हिमाचल प्रदेश को प्रदूषणमुक्त और पर्यावरणमित्र राज्य बनाने के राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हाल ही में नई दिल्ली में बौद्घ भिक्षुओं का एक सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें यह निर्णय लिया गया था कि राज्य सरकार को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में रह रहे तिब्बती राज्य की प्राकृतिक संपदा का लाभ उठा रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में वे सदैव राज्य सरकार को सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि निर्वासित तिब्बती प्रशासन पौधरोपण, जल संरक्षण और ऊर्जा संरक्षण में राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार को यह आश्वासन भी दिया, कि समुदाय अपने आसपास के क्षेत्रों से प्लास्टिक के कचरे को भी एकत्रित करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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