संस्कृत भाषा को रोजगारोन्मुखी बनाने के प्रयास : मंत्री
शर्मा गुरुवार को अजमेर जिले के ग्राम जालिया द्वितीय में राजकीय शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय में नागरिक सेवा समिति द्वारा बनाए गए स्वामी विवेकानन्द छात्रावास के उद्घाटन के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए राज्य सरकार ने डिप्लोमा कोर्स प्रारंभ किए हैं जिनमें कोई भी 12वीं कक्षा पास छात्र प्रवेश ले सकेगा। संस्कृत भाषा विभाग विद्यार्थी को डिप्लोमा प्रदान करेगा। इसके बाद वे वास्तु शास्त्र, शुभ मुहर्त, फलादेश, कर्मकाण्ड जैसे पुरोहितों के कार्य आसानी से कर सकेंगे।
शर्मा ने संस्कृत भाषा को वैज्ञानिक भाषा बताते हुए कहा कि इसके चारों ओर सभी भाषायें घूमती हैं और यह हर विषय से आज भी जुड़ी हुई है और शिक्षा की धुरी है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए केकड़ी के विधायक डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि संस्कृत प्राचीन भाषा है जो हमारी संस्कृति का मुख्य आधार है। उन्होंने इसके हस पर चिन्ता व्यक्त की और कहा कि इसके विकास के लिए प्रयास करने होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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