भाजपा में आडवाणी युग का अंत, बागडोर सुषमा स्वराज के हाथों (लीड-2)
इसके अलावा अब नितिन गडकरी राजनाथ सिंह के बाद पार्टी के अगले अध्यक्ष बन सकते हैं। राजनाथ सिंह शनिवार को पद छोड़ेंगे। इन बदलावों के साथ भाजपा ने भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए पीढ़ीगत बदलावों को अपना लिया है।
इसके पहले संसदीय दल ने इस बदलाव का रास्ता साफ करने के लिए अपने संविधान को ध्वनिमत से संशोधित कर दिया।
पद त्याग करते समय आडवाणी ने कहा कि उन्होंने राहत और संतोष महसूस किया है। लेकिन उन्होंने कहा कि यह उनके सक्रिय राजनीतिक जीवन का अंत नहीं है।
आडवाणी (82) ने भाजपा संसदीय दल की यहां आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा, "यदि लोग सोचते हैं कि मैं अपनी सक्रियता और राजनीति छोड़ दूंगा, तो लोगों का यह सोचना पूरी तरह गलत है। मैं सोचता हूं कि 14 वर्ष की उम्र में जब मैंने हाईस्कूल पास किया था तो स्वयंसेवक बना था और बाद में एक रथ यात्री बना। यह रथ यात्रा जीवनभर चलती रहेगी।"
आडवाणी ने कहा, "मैं आप सबके स्नेह और सहयोग के प्रति आभारी हूं। एक समाचार पत्र में आज शुक्रवार को एक शीर्षक 'रथयात्री टू गेट डाउन टुडे' (आज जमीन पर आएगा रथयात्री) छपा है। अखबार में आगे लिखा है कि यह भारतीय राजनीति में एक युग के अंत के रूप में होगा। यह एक बड़ा बयान है। लेकिन मैं सोचता हूं कि मेरे जीवन और राजनीतिक कैरियर में यह एक नया अध्याय है।"
इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा, "जनसंघ से लेकर भाजपा तक आडवाणीजी का योगदान अद्वितीय रहा है। उनका पद छोड़ना पार्टी के लिए यह एक झटका है। पार्टी को आडवाणीजी के नेतृत्व की जरूरत है।"
इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने एक नए पद के सृजन का प्रस्ताव किया और वेंकैया नायडू व गोपीनाथ मुंडे ने इसका समर्थन किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने आडवाणी का नाम इस पद के लिए प्रस्तावित किया। इस तरह आडवाणी को ध्वनिमत से संसदीय दल का अध्यक्ष चुन लिया गया।
राज्यसभा में अरुण जेटली विपक्ष के नेता हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications