हंगामे के बीच लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (राउंडअप)

उधर राज्यसभा में भी बहस के दौर से माहौल गर्म रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एस.एस. अहलूवालिया ने लाहौर में गुरुद्वारा की जमीन को सैन्य आवासीय परिसर के लिए अधिग्रहण किए जाने के प्रति अपना विरोध जताया।

कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पी.डी.दिनाकरन को प्रोन्नत कर सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश न बनाने के मामले पर शुक्रवार को राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुअा। कांग्रेस सदस्य प्रवीण राष्ट्रपाल ने कहा कि कहीं दिनाकरन को इसलिए तो नहीं निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि वह दलित समुदाय से हैं।

लोकसभा में तेलंगाना मसले पर तेलुगू देशम पार्टी और कांग्रेस के सदस्यों के बीच हुई नोकझोंक के बाद सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल के दौरान स्थगित करनी पड़ी थी। स्थगन के बाद जब शून्यकाल के लिए सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो तेलंगाना के मसले पर हंगामा जारी रहा।

हंगामे को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने शुक्रवार को सभी विधायी कार्यो को निपटाने के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

तेलंगाना के समर्थन और विरोध में जारी नारेबाजी के बीच अध्यक्ष ने विभिन्न मंत्रियों और सदस्यों से एजेंडे में शामिल कार्यो को पूरा करने के लिए कहा।

उनके निर्देश का कोई खास असर नहीं पड़ा और उन्होंने अंतत: 12.20 बजे सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

आत्मविश्लेषण करें सांसद :

तेलंगाना के मसले पर हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के स्थगित करने से पहले लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने 'कुछ सांसदों' के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि वे आत्मविश्लेषण करें।

अध्यक्ष ने सांसदों से कहा कि सदन की कार्यवाही में बाधा डालने की 'आदत' के बारे वे ईमानदारी से आत्मविश्लेषण करें।

लोकसभा में उन्होंने कहा, "यह चिंता की बात है कि सदन का एक वर्ग यह सोचने लगा है कि राजनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए कार्यवाही में बाधा डाली जानी चाहिए।"

15वीं लोकसभा का तीसरा सत्र 19 नवंबर को शुरू हुआ था इस दौरान 21 बैठकें हुईं। इस दौरान व्यवधान और स्थगन के कारण सदन का 31 घंटे और 49 मिनट का समय बर्बाद हुआ।

कुमार ने कहा, "सदन एक अरब से अधिक देशवासियों की आकांक्षाओं की प्रतीक है।" सभी सांसदों ने शपथ ली थी कि वे ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।

शीतकालीन सत्र से जुड़े कुछ तथ्य

पंद्रहवीं लोकसभा के तीसरे सत्र के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य-

सत्र की अवधि : 19-11-2009 से 18-12-2009

संसद की बैठक होने के वास्तविक दिन : 21

रुकावट/स्थगन के कारण नष्ट हुआ समय : 31 घंटे, 49 मिनट

सदन की बैठक तय समय के बाद भी चली : 13 घंटे, 02 मिनट

सदन की बैठक का कुल समय : 105 घंटा

तारांकित स्वीकृत प्रश्न : 440

तारांकित मौखिक उत्तरित प्रश्न : 87

अतारांकित स्वीकृत प्रश्न : 4,848

आधे घंटे की चर्चा : 1

उठाए गए मुद्दों की संख्या/ नियम 377 के तहत रखे गए प्रश्न : 185 (लिया गया समय एक घंटा 36 मिनट)

दिनाकरन को निशाना क्यों बनाया जा रहा :

राज्यसभा में शून्यकाल शुरू होने के साथ ही सांसद प्रवीण राष्ट्रपाल ने चिल्ला कर कहा, "यहां क्या हो रहा है? दिनाकरन को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? इसलिए क्योंकि वह दलित हैं।"

इसके बाद विपक्ष की ओर से जवाबी नारेबाजी होने लगी, लेकिन राष्ट्रपाल ने कहा, "क्या आपके कहने का मतलब यह है कि देश में वही एकमात्र भ्रष्ट न्यायाधीश हैं?"

चूंकि शोरशराबा जारी रहा, लिहाजा उपसभापति के.रहमान खान ने कहा कि इस मामले में कुछ भी दर्ज नहीं किया जाएगा।

ज्ञात हो कि गुरुवार को राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने 75 सदस्यों द्वारा सौंपी गई एक याचिका स्वीकार की थी, जिसमें भूखंड हड़पने के आरोपों पर दिनाकरन के खिलाफ महाभियोग लाए जाने की मांग की गई है। लेकिन इस याचिका का भविष्य फिलहाल अनिश्चित बना हुआ है।

उपराष्ट्रपति अंसारी के कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, "सभापति हामिद अंसारी ने राज्यसभा के 75 सदस्यों द्वारा प्रेषित, न्यायमूर्ति दिनाकरन को हटाए जाने से संबंधित एक याचिका स्वीकार की है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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