'कोई आम आतंकवादी नहीं है हेडली'
वाशिंगटन, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली के खिलाफ अब तक मिले सबूतों से साफ है कि वह कोई आम आतंकवादी नहीं, बल्कि उसके मंसूबे बेहद खतरनाक थे। यह कहना है कि अमेरिका के मशहूर सामरिक थिंक टैंक 'स्ट्रेटफोर' का।
गत सात दिसंबर को हेडली को कई मामलों का आरोपी बनाया गया। इनमें उसके मुंबई हमले में शामिल होने की बात भी शामिल है। कहा गया है कि हेडली पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रशिक्षण शिविर में वर्ष 2002 के फरवरी और अगस्त, एवं फिर 2003 के अप्रैल और अगस्त में लश्कर के शिविर में शामिल हुआ था।
स्ट्रेटफोर ने कहा, "इससे संकेत मिलता है कि हेडली आतंकवाद के बुनियादी प्रशिक्षण से कहीं ज्यादा आगे पहुंचा था। लगता है कि उसे ऐसा कठिन प्रशिक्षण मिला था जो किसी भी आतंकवादी हमले से पहले टोह लेने या फिर हमले की साजिश रचने के लिए जरूरी होता है।"
हेडली पर लगे आरोपों के अनुसार मुंबई पर हमले से पहले शहर की टोह लेने के मकसद से उसने पांच बार मुंबई का दौरा किया था। वह सितंबर, 2006 में एक बार, फरवरी और सितंबर, 2007 में दो बार एवं अप्रैल और जुलाई, 2008 में भी दो बार मुंबई पहुंचा था।
हेडली के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) का जासूस होने के संदर्भ में इस वैश्विक संस्था का कहना है कि अगर वह एफबीआई को रिपोर्ट कर रहा था तब उसे मुंबई हमले की साजिश से जुड़ी उन चेतावनियों के बारे में भी जानकारी रही होगी जिन्हें अमेरिका ने भारत सरकार को दी थी।
स्टेटफोर का कहना है कि हेडली दोहरा जासूस था या नहीं, यह तय कर पाना बेहद मुश्किल है क्योंकि कहा गया है कि वह उसी समय लश्कर और हूजी को भी रिपोर्ट करता था जब वह कथित तौर पर अमेरिकी सरकार के लिए काम कर रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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