दिल्ली में 19 लाख बच्चे आधारभूत सुविधाओं से दूर
'दिल्ली फोर्सेस' (दिल्ली फोरम फॉर क्रैश एंड चाइल केयर सर्विस) द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में इस संबंध में जानकारी दी गई है। संगठन ने गुरुवार को यहां एक कार्यक्रम में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चों और महिलाओं की स्थिति पर प्रकाश डाला गया।
'दिल्ली फोर्सेस' की कार्यकारी निदेशक मृदुला बजाज ने कहा कि दिल्ली में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले छह वर्ष उम्र तक के 75 फीसदी बच्चे हैजा और 63 फीसदी एनीमिया से ग्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में सरकारी योजनाएं नहीं पहुंच रही हैं।
बजाज ने कहा कि केंद्र सरकार की 'जननी सुरक्षा योजना' का लाभ गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल रहा। इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाली महिलाओं को 600 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं लेकिन वर्ष 2006 में केवल 20 महिलाओं को ही इसका लाभ मिला था। उन्होंने कहा कि अधिकांश महिलाओं को इस योजना के बारे में जानकारी भी नहीं है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष शांता सिन्हा, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष अमोद कंठ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचएसआरसी) के कार्यकारी निदेशक टी.सुंदररमण भी उपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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