ईरान की मदद पर लग सकता है प्रतिबंध

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ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से अमरीकी संसद एक नया क़ानून बनाने जा रही है.इसके तहत राष्ट्रपति बराक ओबामा को ईरान को मदद पुहँचाने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने के अधिकार मिल जाएंगे.

इसका मक़सद ईरान को विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए मज़बूर करना है.अमरीकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव ने ये विधेयक पारित कर दिया है.इसके तहत ईरान को संशोधित पेट्रोलियम की आपूर्ति करने वाली कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

ईरान दुनिया का अग्रणी कच्चा तेल उत्पादक देश है लेकिन उसके पास पर्याप्त रिफ़ाइनरी व्यवस्था नहीं है जिसके कारण वह 40 फ़ीसदी संशोधित तेल का आयात करता है.विधेयक के पारित होने के बाद निचले सदन की चेयरमैन नैन्सी पेलोसी ने कहा कि इससे स्पष्ट हो जाना चाहिए कि अमरीका वो सारे क़दम उठाएगा जो ईरान को परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकने में मददगार हो.

हालाँकि इस विधेयक को संसद के ऊपरी सदन सीनेट की मंज़ूरी मिलना बाकी है.हालांकि इस क़ानून के विरोधियों का कहना है कि इसका उल्टा असर पड़ सकता है और ईरान की जनता इंधन में कमी के लिए अमरीका को ज़िम्मेदार ठहरा सकती है.

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