गोपालकृष्ण गांधी राज्यपाल के पद से मुक्त हुए (लीड-1)
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी गांधी (64) ने 14 दिसंबर, 2004 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का पदभार ग्रहण किया था। उनके कार्यकाल के दौरान राज्य में भारी अशांति देखने को मिली थी। नंदीग्राम व सिंगूर जैसी घटनाएं घटीं।
गांधी ने प्रत्येक घटनाओं पर विनम्रता लेकिन पूरी दृढ़ता के साथ अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने अपने पद की मर्यादा और जिम्मेदारी के साथ कभी समझौता नहीं किया।
रविवार को गांधी ने दिन में वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु के घर जाकर उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान बसु ने गांधी से कहा, "मैं आपसे पूरी तरह खुश हूं।"
गांधी ने बीमार बसु से कहा, "मैं सोमवार को यहां से जा रहा हूं। मैं वापस चेन्नई लौट रहा हूं। लेकिन आपसे मुलाकात और आपको नमस्कार किए बगैर यहां से नहीं जा सकता था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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