'पूर्वी एशियाइयों के पूर्वज हैं भारतीय' (लीड-1)
वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के महानिदेशक समीर ब्रह्मचारी ने आईएएनएस को बताया, "यह एक बड़ी कामयाबी है। इस व्यापक अध्ययन में यह पाया गया है कि जापानियों, चीनियों और अन्य सभी पूर्व एशियाई लोगों के पूर्वज भारतीय थे।"
अध्ययन के अनुसार, भारत से लोग दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया की ओर गए। ब्रह्मचारी ने संवाददाताओं को बताया, "उन सभी की अनुवांशिक जड़ एक ही है। इससे साबित होता है कि भारत एशिया की अनुवांशिक विविधता के सूक्ष्म दर्शन (माइक्रोकोस्म) का प्रतिनिधित्व करता है।"
वैज्ञानिकों ने कहा कि पहले यह माना जाता था कि अफ्रीका से कुछ लोगों के समूह ने भारत, चीन, जापान और अन्य पूर्व एशियाई क्षेत्रों में अलग-अलग प्रवेश किया था।
ब्रह्मचारी ने कहा, "लेकिन यह अध्ययन उन सभी मान्यताओं को खारिज करता है। लगभग 100,000 वर्ष पहले दक्षिण अफ्रीका से केवल एक समूह ने भारत में प्रवेश किया था। उस समूह ने स्थल मार्ग से भारत में प्रवेश किया था लेकिन वह तटीय और उसके आसपास के इलाकों में बस गया था। यह समूह धीरे-धीरे दक्षिण भारत में फैल गया और वहां से दक्षिण पूर्व और पूर्व एशियाई क्षेत्रों में चला गया।"
ब्रह्मचारी ने कहा कि भारतीय लोग और उनकी अनुवांशिक रूप से उत्परिवर्तित नस्ल धीरे-धीरे एशिया के अन्य हिस्सों में चली गई। उन्होंने कहा, "यह अध्ययन मानव विकास के सिद्धांत और मनुष्य के फैलाव को एक नया अर्थ देगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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