चीन में पढ़ाते हैं सचिन और मनोज के चिकित्सक
सचिन और मनोज कुमार के चिकित्सक पी. बी. लोहिया न केवल खिलाड़ियों और सितारों की चिकित्सा करते हैं बल्कि चीन में प्राचीन चीनी चिकित्सा पद्धति भी पढ़ाते हैं।
लोहिया महाराष्ट्र के औरंगाबाद स्थित 'इंडियन एकेडमी ऑफ ऐक्यूपंचर साइंस' के संस्थापक और एक योग्य एलोपैथ चिकित्सक हैं लेकिन वह मरीजों को लक्षणों पर आधारित चिकित्सा देने की बजाए बीमारी के गहन कारणों का इलाज करने में संतुष्ट होते हैं।
लोहिया ने 1983 में अपना चिकित्सकीय अभ्यास छोड़कर प्राकृतिक चिकित्सा को जानना शुरू कर दिया था। अब वह छोटी-छीटी सूईयों की मदद से मांसपेशियों और ह्रदय संबंधी परेशानियों, दमा और मनोवैज्ञानिक रोगों का इलाज करते हैं।
लोहिया ने कहा, "मैंने ऐक्यूपंचर और अन्य प्राकृतिक इलाजों के विषय में बहुत पढ़ा है। मैंने इस क्षेत्र में एक नया करियर बनाने का निर्णय लिया था।"
उनकी प्राचीन चिकित्सा विज्ञान की तलाश उन्हें चीन, श्रीलंका, आस्ट्रेलिया, स्पेन, दक्षिण कोरिया और स्वीट्जरलैंड ले गई। विभिन्न डिग्री और एक मानद उपाधि पाने के बाद अंतत: उन्हें ऐक्यूपंचर चिकित्सा में सफलता मिली और अब 26 साल बाद वह एक अन्वेषक बन गए हैं।
1995 से लोहिया अकेले ऐसे भारतीय विजिटिंग प्रोफेसर हैं जो प्रतिष्ठित 'बीजिंग मेरिडियन रिसर्च सेंटर' में पढ़ाते हैं और 'वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ चायनीज मेडीसिन इन बीजिंग' के उपाध्यक्ष हैं।
लोहिया के मरीजों में अग्रणी उद्योगपति और राजनेताओं के अलावा अभिनेता मनोज कुमार, कथक नर्तक बिरजू महाराज, क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर, टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा भी शामिल हैं। मनोज कुमार ने लोहिया के ऊपर एक कविता भी लिखी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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