बिच्छुओं की सैरगाह बना दीपक का शरीर

दीपक को कहीं बिच्छू रहने की खबर मिली नहीं की वह उन बिच्छुओं को लेने पहुंच जाता है। कोई बिच्छु कितना भी जहरीला हो दीपक उसे पकड़ कर ही दम लेता है। उसके पास अभी करीब 50 बिच्छु हैं। दीपक बताता है कि वह आमतौर पर इन बिच्छुओं को एक बड़े डब्बे में रखता है। वह दिन में सभी बिच्छुओं को निकालकर अपने शरीर पर घूमने के लिए छोड़ता है। दीपक बताता है कि इस दौरान उसे न डर लगता है और न ही बिच्छु उसे डंक मारते हैं।
दीपक ने बताया कि वह कभी मेकेनिक का कार्य करता था, इसी दौरान वर्ष 1999 में उसे एक बिच्छु ने डंक मार दिया जिससे तीन दिनों तक उसे बुखार हुआ तभी से उसे बिच्छु पालने की सनक सवार हो गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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