अयोध्या पर टकराव का अंत चाहता है युवा वर्ग
नई दिल्ली। अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस पर लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर हो रही राजनीति से चिंतित देश का युवा वर्ग विवादित स्थल पर मंदिर या मस्जिद की बजाए अस्पताल बनाए जाने के पक्ष में है।

देश के युवा धर्म के नाम पर अयोध्या को लेकर जारी टकराव को देशहित के खिलाफ मानते हैं। 23 वर्षीया पत्रकार शालिनी पांडेय कहती हैं, "अतीत में इसे लेकर क्या हुआ, इसकी परवाह नहीं करते हुए हमें भविष्य की चिंता करनी चाहिए। अगर विवादित स्थल पर 20 बिस्तरों वाला कोई अस्पताल स्थापित किया जाता है तो यह शुभ पहल होगी। ऐसी पहल में ही ऐसे विवाद का हल छिपा है।"
नाट्य मंचन की दुनिया से जुड़े दिशांक सदाना की राय भी इसी से मिलती है। सदाना कहते हैं, "इस देश में धार्मिक भावना की रक्षा के लिए मंदिर या मस्जिद की कमी नहीं है। इससे ज्यादा जरूरी इंसान के लिए अस्पताल है। उस स्थल पर एक अस्पताल बनाकर इस विवाद का समाधान निकाला जा सकता है।" एमबीए की छात्रा 23 वर्षीया मंजू सिंह का कहना है कि धर्म के नाम पर देश में राजनीति बंद होनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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