कांग्रेस ने कहा, बाबरी विध्वंस के लिए संघ जिम्मेदार, भाजपा ने किया खारिज (राउंडअप)

भाजपा ने इस रिपोर्ट को विकृत, निराधार और तर्कहीन बताया जबकि कांग्रेस ने भाजपा पर बांटने की राजनीति करने तथा बाबरी की हिफाजत के मामले में गलत वादे करने का आरोप लगाया।

आयोग की रिपोर्ट पर दो दिनों तक चली बहस के अंत में भाजपा ने बाबरी विध्वंस को स्वस्फूर्त जन आक्रोश का परिणाम बताया और कहा कि यह कोई पूर्वनियोजित साजिश नहीं थी।

दूसरी ओर कांग्रेस ने कहा कि भाजपा ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और अन्य भगवा संगठनों के साथ मिल कर राजनीतिक लाभ लेने के लिए 16वीं शताब्दी के इस ढांचे को गिराने की कार्रवाई को अंजाम दिया था।

इस दौरान सदन को बार-बार स्थगित करना पड़ा क्योंकि भाजपा सदस्यों ने कांग्रेसी सांसद बेनी प्रसाद वर्मा द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध करना शुरू कर दिया।

भाजपा सदस्यों की नारेबाजी उस समय अपने चरम पर थी, जब गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने लोकसभा में अपना जवाब देना शुरू किया। भारी शोरशराबे के कारण उनके बयान को सुन पाना कठिन हो गया था।

लेकिन इस शोरगुल के बीच ही चिदंबरम ने 1992 में हुए बाबरी विध्वंस के लिए संघ परिवार को जिम्मेदार ठहराया और भाजपा की नेता सुषमा स्वराज के उस बयान को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस घटना के पीछे कोई साजिश नहीं थी।

चिदंबरम ने कहा कि विवादित ढांचे को बचाने के लिए भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने जो भी वादे किए थे, उन्होंने सभी वादे तोड़ दिए।

भाजपा नेतृत्व वाले विपक्ष द्वारा जारी नारेबाजी के बीच चिदंबरम ने यह भी स्वीकार किया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री दिवंगत पी.वी.नरसिम्हा राव ने भी इस मामले में एक गलती की थी। लेकिन उन्होंने कहा कि यह एक गलती एक राजनीतिक निर्णय की थी, वह यह कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने भाजपा नेताओं के झूठे वादे पर विश्वास कर लिया था। चिदंबरम ने कहा, "कांग्रेस पार्टी ने अपने इस गलत राजनीतिक निर्णय की कीमत अदा की है।" चिदंबरम ने कहा कि कल्याण सिंह की सरकार ने केंद्र सरकार, सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय एकता परिषद के समक्ष झूठ बोला था।

चिदंबरम ने लिब्रहान रिपोर्ट के हवाले से कहा कि बाबरी विध्वंस की कार्रवाई पूर्व नियोजित थी, जिसे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अंजाम दिया।

चिदंबरम ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे भाजपा के वरिष्ठ नेता इस घटना की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।

चिदंबरम ने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए कार सेवकों और उन्हें उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का एक मात्र उद्देश्य ढांचे को गिराना था।

दूसरी ओर लिब्रहान रिपोर्ट को खारिज करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि रामजन्म भूमि आंदोलन कोई पूर्व नियोजित साजिश नहीं था, बल्कि वह अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए एक स्वस्फूर्त जनांदोलन था। स्वराज ने आयोग पर आरोप लगाया कि उसने छह दिसंबर, 1992 की घटना के लिए नरसिम्हा राव को नजरअंदाज कर पक्षपात किया है।

स्वराज ने कहा, "आयोग में कहा गया है कि केंद्र सरकार बेबस हो गई थी। लेकिन उसका नेतृत्व कौन कर रहा था? नरसिम्हा राव। उनके खिलाफ साक्ष्य था। मुलायम सिंह यादव ने भी उनके समक्ष एक हलफनामा दिया था। लेकिन उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं है। इसके विपरीत अटल बिहारी वाजपेयी जो कि आयोग के समक्ष कभी उपस्थित नहीं हुए, उनके बारे में 22 बार टिप्पणी की कई है।"

इसके पहले कांग्रेसी सांसद बेनी प्रसाद वर्मा ने भी कहा कि नरसिम्हा राव बाबरी विध्वंस को रोकने को लेकर पर्याप्त रूप से सजग नहीं हो पाए थे।

लोकसभा में लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए वर्मा ने बाबरी विध्वंस के लिए संघ परिवार और भाजपा को तो जिम्मेदार ठहराया ही, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राव ने भी एक गलती की थी।

वर्मा ने कहा, "यदि कोई व्यक्ति किसी के घर में डकैती डालने जाता है, तो वह तो दोषी है ही। लेकिन यदि घर का मालिक सो रहा है, तो इसमें दोष उसका भी बनता है।"

वर्मा ने भाजपा सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा, "आप लोगों ने डकैती डाली है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+