बाबरी विध्वंस पूर्व नियोजित कार्रवाई थी : सरकार (लीड-1)
बाबरी विध्वंस पर आई लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर लोकसभा में हुई गर्मागर्म बहस का जवाब देते हुए गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि अयोध्या के विवादित ढांचे को गिराने की कार्रवाई पूर्व नियोजित थी, जिसे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अंजाम दिया।
चिदंबरम ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता इस घटना की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
चिदंबरम ने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए कार सेवकों और उन्हें उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का एक मात्र उद्देश्य ढांचे को गिराना था।
भाजपा सदस्यों की नारेबाजी के बीच चिदंबरम ने उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस बारे में केंद्र सरकार, सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय एकता परिषद के समक्ष झूठ बोला था।
इसके पहले कांग्रेसी सांसद बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि पार्टी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत पी.वी.नरसिम्हा राव बाबरी विध्वंस को रोकने को लेकर पर्याप्त रूप से सजग नहीं हो पाए थे।
लोकसभा में लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए वर्मा ने बाबरी विध्वंस के लिए संघ परिवार और भाजपा को तो जिम्मेदार ठहराया ही, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राव ने भी एक गलती की थी।
वर्मा ने कहा, "यदि कोई व्यक्ति किसी के घर में डकैती डालने जाता है, तो वह तो दोषी है ही। लेकिन यदि घर का मालिक सो रहा है, तो इसमें दोष उसका भी बनता है।"
वर्मा ने भाजपा सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा, "आप लोगों ने डकैती डाली है।"
गृह मंत्री चिदंबरम ने भी वर्मा के इस बयान से सहमति जताई। चिदंबरम ने अपने बयान में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव की सरकार द्वारा लिए गए गलत राजनीतिक निर्णय पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि यह गलत राजनीतिक निर्णय राज्य सरकार के वादों पर आधारित रहा और भाजपा ने गलत वादा किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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