टीआरएस अध्यक्ष की हालत गंभीर, विरोध प्रदर्शन जारी (लीड-2)
चिकित्सकों ने राव से अनशन तोड़ने की अपील की है। उधर, मुख्यमंत्री के.रोसैया ने कहा है कि अलग तेलंगाना राज्य के मुद्दे पर केंद्र सरकार फैसला करेगी।
चिकित्सकों का कहना है कि यदि अनशन जारी रहा तो राव के जीवन को खतरा हो सकता है। वह निजाम चिकित्सा विज्ञान संस्थान (एनआईएमएस) में भर्ती हैं।
एनआईएमएस के निदेशक प्रसाद राव ने कहा कि टीआरएस अध्यक्ष के रक्त की जांच की गई। जांच में पता चला है कि उनके स्वास्थ्य में काफी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि राव को अनशन तोड़ने के लिए कहा गया है।
एनआईएमएस ने कहा है कि यदि टीआरएस अध्यक्ष अनशन जारी रखते हैं तो इससे उनके जीवन को खतरा हो सकता है। चिकित्सकों का एक दल उनके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए है। चिकित्सकों के इस दल ने राव के परिजनों से कहा है कि वे उन्हें अनशन तोड़ने के लिए राजी करें।
निदेशक राव ने कहा कि टीआरएस अध्यक्ष फिलहाल इलाज के बल पर चल रहे हैं। लेकिन एक सीमा के बाद दवा भी काम नहीं करेगी। उन्हें तत्काल भोजन लेना शुरू कर देना चाहिए।
चिकित्सकों ने अभी तक कहा है कि राव की हालत स्थिर है, मगर वह कमजोर हो गए हैं।
लेकिन टीआरएस अध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि वह अनशन तभी तोड़ेंगे, जब सरकार अलग तेलंगाना राज्य के गठन के लिए स्पष्ट रूप से आश्वासन दे। वह इस शर्त पर भी अनशन तोड़ने को तैयार हैं कि राज्य विधानसभा केंद्र सरकार से आग्रह करते हुए अलग तेलंगाना राज्य के गठन हेतु प्रस्ताव पारित कर दे।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री के.रोसैया ने मंगलवार को कहा कि अलग तेलंगाना राज्य के मुद्दे पर केंद्र सरकार फैसला करेगी।
रोसैया ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को तेलंगाना मुद्दे से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आंध्र प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के फैसले का पालन करेगी।
टीआरएस और अन्य विपक्षी दलों की मांग पर पूछे गए सवाल पर रोसैया ने कहा, "यदि केंद्र सरकार कोई फैसला करती है तो विधानसभा में कोई प्रस्ताव पारित करने की जरूरत नहीं होगी।" उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान को उन्होंने एक रिपोर्ट भेजी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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