एक डिग्री के हजारों खरबवें हिस्से की थाह लेने वाला थर्मामीटर तैयार
सर्वाधिक कम तापमान की स्थिति को परम शून्य कहा जाता है। शून्य से 273.15 डिग्री सेल्सियस नीचे के तापमान को परम शून्य की स्थिति कहा जाता है। इस बिंदु पर आणविक सक्रियता समाप्त हो जाती है। वैज्ञानिक एक डिग्री के कुछ अरबवें हिस्से तक परमाणुओं को ठंडा करने में सक्षम हैं, पर कुछ अनुप्रयोगों के लिए इतना तापमान काफी ज्यादा माना जाता है।
दुर्भाग्य की बात यह है कि जो थर्मामीटर एक डिग्री के कुछ अरबवें हिस्से को मापने में समर्थ हैं वे भौतिकी की ऐसी विधाओं पर आश्रित हैं जो बेहद ठंडे तापमान में कारगर नहीं है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि एमआईटी-हार्वर्ड सेंटर फॉर अल्ट्रा-कोल्ड एटम्स ने जो थर्मामीटर विकसित किया है वह अप्रत्याशित रूप से बेहद कम तापमान वाले परिवेश में भी कारगर है। इस थर्मामीटर के बारे में फिजिकल रिव्यू लेटर्स के ताजा अंक में रिपोर्ट प्रकाशित की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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