कोपेनहेगन में जलवायु परिवर्तन पर मंथन का दौर जारी
वहीं, उत्तरी अमेरिका के मूल निवासियों के एक समूह ने वार्ताकारों के 'मन की शुद्धि' के लिए प्रतीकात्मक अनुष्ठान किया।
192 देशों के वार्ताकारों ने वैश्विक तापमान में हो रही वृद्धि पर अंकुश लगाने के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर मंथन किया। वार्ताकार दोहरी रणनीति के आधार पर वार्ता को आगे बढ़ा रहे हैं।
एक ओर जहां वे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन से संबद्ध 1997 के क्योटो समझौते को संशोधित करने एवं उसे अद्यतन बनाने की पृष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं, वहीं क्योटो समझौते से असहमत रहे देशों के साथ समीकरण बिठाने की भी कोशिश कर रहे हैं।
इधर, उत्तरी अमेरिका के उन मूल निवासियों के एक समूह ने वार्ताकारों के मन की शुद्धि के लिए अनुष्ठान का आयोजन किया जिनकी आजीविका जलवायु परिवर्तन के कारण खतरे में पड़ गई है।
उन्होंने कामना की कि ईश्वर इन वार्ताकारों को सूझ-बूझ, करुणा, शक्ति और धर्य प्रदान करेगा। इस बीच एक दबाव समूह ने बांग्लादेश, म्यांमार और होंडुरास को पिछले दो दशकों में जलवायु परिवर्तन से सर्वाधिक प्रभावित होने वाले राष्ट्रों के तौर पर गिनाया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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