ओबामा का विशेष दूत उत्तर कोरिया की यात्रा पर
बोसावर्थ को उम्मीद है कि वह उत्तर कोरिया को वर्ष 2005 में अमेरिका, रूस, चीन, जापान एवं दक्षिण कोरिया के साथ हुए उसके निरस्रीकरण समझौते पर अमल करने के लिए समझाने में सफल होंगे।
बराक ओबामा के राष्ट्रपति बनने के बाद इस कम्युनिस्ट देश का दौरा करने वाले बोसवर्थ पहले अमेरिकी अधिकारी हैं। वह अमेरिकी वायु सेना के एक विमान से मंगलवार दोपहर को उत्तर कोरिया पहुंचे।
वह देश के उप विदेश मंत्री कांग सोक जू से मिल सकते हैं। उत्तर कोरिया ने इस साल अप्रैल में छह-पक्षीय वार्ता से खुद को अलग कर लिया था। उसकी परमाणु महत्वाकांक्षा से अमेरिका समेत कई देश खफा हैं।
वैसे, उसने सिंतबर में यह संकेत दिया था कि वह वार्ता की मेज की पर लौट सकता है, बशर्ते कि अमेरिका के साथ उसकी सीधी बातचीत में कोई प्रगति हो।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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