भारत-रूस के बीच होगा '123' से बेहतर परमाणु समझौता

यह जानकारी एक शीर्ष अधिकारी ने रविवार को दी। अधिकारी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तीन दिवसीय दौरे पर मास्को पहुंच गए हैं। उम्मीद है कि यह दौरा एक उभरती अंतर्राष्ट्रीय परिस्थिति में दोनों देशों के बीच समय सिद्ध रणनीति साझेदारी को एक दूसरे स्तर पर ले जाने में मददगार साबित होगा।

परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल पर अंतर सरकारी समग्र समझौता दोनों देशों के बीच वर्तमान असैन्य परमाणु सहयोग के विस्तार के लिए एक व्यापक खाका मुहैया कराएगा। पिछले वर्ष दोनों पक्षों ने तमिलनाडु के कुदनकुलम में रूस द्वारा निर्मित किए जाने वाले चार अतिरिक्त रिएक्टरों के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि यह समझौता भारत और अमेरिका के बीच पिछले वर्ष हुए 123 असैन्य परमाणु सहयोग समझौते से बेहतर होगा, क्योंकि इसमें भारत को इस्तेमाल ईंधन के पुनशरेधन का भी अधिकार प्राप्त होगा और संवेदनशील संवर्धन और पुनशरेधन प्रौद्योगिकियों का हस्तांतरण भी किया जाएगा।

हाल में भारत ने रूस द्वारा आपूर्ति किए जाने वाले रिएक्टरों के लिए पश्चिम बंगाल के हरिपुर में एक और स्थान के आवंटन की घोषणा की थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+