एमजीएफ के दफ्तरों पर प्रवर्तन निदेशालय का छापा, कोड़ा से संबंध का आरोप (लीड-1)
कंपनी पर विदेशी विनिमय के नियमों का कथित उल्लंघन और विदेशी धन का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है।
निदेशालय के एक सूत्र ने आईएएनएस से कहा, "विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून (फेमा) के उल्लंघन और विदेशी धन का इस्तेमाल कृषि भूमि खरीदने में करने के आरोप में कंपनी के दिल्ली व नोएडा में स्थित करीब 10 कार्यालयों पर छापेमारी की गई।"
उन्होंने कहा, "अभी कई चीजें है जिसके बारे में हम खुलासा नहीं कर सकते। कार्रवाई जारी है। कार्रवाई खत्म होने के बाद ही हम कुछ कह सकते हैं।"
उन्होंने कहा, "हम मधु कोड़ा से जुड़े निदेशक मंडल के कुछ सदस्यों के घरों पर भी खोजबीन कर रहे हैं।"
झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री कोड़ा करीब 2500 करोड़ों रुपये के हवाला मामले के केंद्र में हैं, हालांकि कोड़ा इन आरोपों से इंकार कर रहे हैं।
प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों के मुताबिक एमार एमजीएफ के कई निदेशक कोड़ा के कथित अवैध लेने-देन में शामिल रहे।
साथ ही कोड़ा ने फेमा के नियमों का उल्लंघन कर एमार एमजीएफ के निदेशक मंडल के सदस्यों के माध्यम से धन बाहर भेजे।
कंपनी पर विदेशी विनिमय कानून का उल्लंघन कर विदेशों से धन लाने का भी आरोप है। इस धन का इस्तेमाल कंपनी ने कृषि जमीन खरीदने में की।
एमार एमजीएफ दुबई की एमार प्रोपर्टीज और यहां की एमजीएफ डेवलपमेंट का संयुक्त उपक्रम है। इस कंपनी ने वर्ष 2005 में रियल एस्टेट क्षेत्र में सबसे ज्यादा विदेश निवेश लाया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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