लेसर मशीन के निर्माण पर यूरोपीय देशों में समझौता
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार मशीन का कोड नाम एक्सएफईएल (एक्स-रे फ्री इलेक्ट्रॉन लेसर) रखा गया है और इसका निर्माण वर्ष 2014 तक पूरा होगा।
यह मशीन प्रति सेकेंड 30,000 बार एक्स-रे किरणें उत्सर्जित करने में सक्षम होगी और रासायनिक अभिक्रियाओं के दौरान अणुओं की गतिशीलता की स्पष्ट तस्वीर पेश करेगी।
इस मशीन का निर्माण हैम्बर्ग के एक उपनगरीय इलाके में जमीन के 3.4 किलोमीटर नीचे एक सुरंग में किया जाएगा। परियोजना स्थल पर अन्य दूसरे कार्य आरंभ भी हो चुके हैं।
इस समझौते पर सोमवार को डेनमार्क, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, इटली, पोलैंड, रूस, स्लोवाकिया, स्वीडन और स्विट्जरलैंड ने हस्ताक्षर किए। फ्रांस और स्पेन समक्षौते पर बाद में हस्ताक्षर करेंगे। चीन तथा ब्रिटेन की योजना अगले छह महीनों में इसमें शामिल होने की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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