कैट परीक्षा में गड़बड़ी की जांच के आदेश (लीड-1)
सिब्बल ने हालांकि वादा किया कि वह कैट की परीक्षा कराने की आईआईएम की स्वायत्तता में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत में सिब्बल ने कहा, "यह नहीं होना चाहिए। सरकार इससे बहुत चिंतित है।"
कैट के माध्यम से देश के शीर्ष प्रबंधन संस्थानों सहित 100 से अधिक संस्थानों में छात्रों को नामांकन मिलता है।
सिब्बल ने कहा, "कदम उठाए जाने चाहिए। परीक्षा आयोजित करने से पहले परीक्षण किया जाना चाहिए था। वे परीक्षा संपन्न कराने में विफल साबित हुए हैं।"
उन्होंने बताया कि एक दिसम्बर की सुबह तक तय 45,000 छात्रों में से 8,000 परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। यह बहुत बड़ी संख्या है। इस संबंध में आईआईएम से एक रिपोर्ट मांगी गई है।
इस साल कैट की परीक्षा ऑनलाइन कराने के लिए आईआईएम ने पूरी परीक्षा 10 दिनों में संपन्न कराने की बात कही थी, जबकि देश भर में एक ही दिन यह परीक्षा होती थी।
पिछले चार दिनों से जारी परीक्षा के दौरान सर्वर में समस्या और कम्प्यूटर संबंधी अन्य दिक्कतों के कारण हजारों छात्र परीक्षा में बैठने से वंचित रह गए। परीक्षा संपन्न कराने वाली कंपनी प्रोमेट्रिक ने इसके लिए वायरस को जिम्मेदार ठहराया है जबकि छात्रों और कोचिंग संस्थानों का कहना है कि ऐसी स्थिति अव्यवस्था के कारण पैदा हुई है।
इस बारे में सिब्बल ने कहा कि जांच के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है।
पुनर्परीक्षा के बारे में पूछे जाने पर सिब्बल ने कहा, "पुनर्परीक्षा के बारे में मुझसे मत पूछिए। इसे आईआईएम द्वारा करवाया जाएगा। वे स्वायत्त हैं और हम उनके मामले में हस्तक्षेप नहीं करते। कैट का आयोजन आईआईएम करता है हम नहीं।" हालांकि उन्होंने कहा कि आईआईएम से पुनर्परीक्षा के लिए अनुरोध करेंगे।
उधर, चौथे दिन मंगलवार को भी परीक्षा के दौरान समस्याएं जारी रहीं। लखनऊ, भोपाल और दिल्ली में कई परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक कोचिंग संस्थान टाइम के निदेशक उल्हास वैरागकर ने आईएएनएस को बताया, "दिल्ली, भोपाल और लखनऊ के कई छात्रों ने फोन करके बताया कि वे परीक्षा नहीं दे सके। इनमें कई दूसरी बार परीक्षा देने गए थे।"
लखनऊ के एसएमएस कॉलेज के छात्रों ने कहा कि वे कठिन समय का सामना कर रहे हैं। उनके परीक्षा केंद्रों और समय में बदलाव हुआ और इसके बावजूद यह गारंटी नहीं है कि वे परीक्षा दे पाएंगे।
एक कैट परीक्षार्थी नीरज प्रसाद ने फोन पर बताया कि दो दिन पहले वह कैट परीक्षा के लिए सुबह के सत्र में गए थे। दो घंटे इंतजार के बाद उनको बताया गया कि तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा नहीं होगी। देर शाम एसएमएस कॉलेज ने बताया कि परीक्षा दूसरे केंद्र पर होगी। वह सोमवार को भी परीक्षा केंद्र पर गए लेकिन परीक्षा नहीं हुई।
पूरे 60 छात्रों के बैच को फिर से परीक्षा का समय दिया गया लेकिन वे अभी तक परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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