भारत को परमाणु बाजार में अपना प्रमुख भागीदार मानता है कनाडा

टोरंटो, 1 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारत के साथ परमाणु समझौते का स्वागत करते हुए कनाडा के शीर्ष परमाणु नियमन निकाय एटॉमिक एनर्जी ऑफ कनाडा लिमिटेड(एईसीएल) ने कहा है कि वह भारत को वैश्विक परमाणु बाजार में अपना अहम सहयोगी मानता है।

निकाय का मानना है कि भारत के साथ एटमी समझौते से दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा तकनीकी क्षेत्र में सहयोग का दायरा व्यापक होगा। इसके उप प्रमुख (विपणन) अला अलिजादेह ने आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "परमाणु समझौते का हमारे लिए खास महत्व है। चूंकि, भारत हमारे द्वारा उपलब्ध कैंडू तकनीकी पर आधारित गुरु जल रिएक्टर संचालित कर रहा है, हमें भारत के साथ सहयोग का दायरा बढ़ाने का सुनहरा मौका मिला है। जिस तरह हम कनाडा और दूसरे देशों में रिएक्टरों को सेवाएं प्रदान करते हैं, उसी तरह भारत में भी हम ऐसी सेवाएं उपलब्ध करा सकें गे। हम भारतीय रिएक्टरों की जीवनावधि के विस्तार में भी योगदान दे सकेंगे। नए रिएक्टरों की स्थापना के मामले में भी सहयोग बढ़ाया जा सकेगा।"

उल्लेखनीय है कि भारत द्वारा 1974 में एटमी परीक्षण किए जाने के बाद दोनों देशों का परमाणु रिश्ता पटरी से उतर गया था। उन्होंने कहा कि इस अवधि में भारत ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में शानदार प्रगति की है। अलिजादेह ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच सहयोग बढ़ने से वैश्विक परमाणु ऊर्जा बाजार लाभान्वित होगा। उन्होंने कहा, "दोनों देश पिछले 30 वर्षो से भी अधिक समय से बगैर आपसी सहयोग के अपने-अपने परमाणु क्षेत्र का विकास करते रहे हैं। अब दोनों के बीच सहयोग का सुनहरा अवसर पैदा हुआ है।"

यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनी भारत के संपर्क में है तो उन्होंने कहा कि हम भारतीय परमाणु उद्योग के लिए उपकरणों की आपूर्ति करने वाली अग्रणी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर कर चुके हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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