झारखंड में पहले चरण का चुनाव
ऐसा सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया है क्योंकि झारखंड को नक्सलियों का गढ़ माना जाता है और पिछले कुछ महीनों में वहाँ कई नक्सली हमले हुए हैं. नौ साल पुराने इस राज्य में हमेशा ही राजनीतिक अस्थिरता का माहौल रहा है और इस दौरान कई बार मुख्यमंत्री बदले हैं.
इस बार झारखंड में त्रिकोणीय मुकाबला है- एक और कांग्रेस है जिसने झारखंड विकास मार्चा के साथ गठबंधन किया है, शिबू सोरेन का झारखंड मुक्ति मोर्चा है और तीसरी ओर भारतीय जनता पार्टी की अगुआई वाला एनडीए है.
मधु कोड़ी की जय भारत भी चुनावी मैदान में हैं. भ्रष्टाचार के आरोप में मधु कोड़ा पिछले दिनों चर्चा में रहे हैं. लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी और वामपंथी दल भी कुछ सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं. निवर्तमान विधानसभा में एनडीए की 36 सीटें थीं. झारखंड में करीब 65 लाख मतदाता हैं और करीब 270 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं.













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