दलाई लामा से बात करने पर अनौपचारिक प्रतिबंध

बिना कोई कारण बताए एक अधिकारी ने पत्रकारों के एक दल से कहा, "कृपया दलाई लामा से कोई प्रश्न पूछने का प्रयास न करें।" इसे तवांग पहुंचने के तुरंत बाद रविवार को दलाई लामा द्वारा पत्रकारों से दो बार चर्चा करने के कारण आगे किसी विवाद से बचने की भारत सरकार की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
जटिल स्थिति में फंसा भारत
दलाई लामा के दौरे की कवरेज कर रहे एक पत्रकार ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा, "संभव है रविवार को दलाई लामा के बयान के बाद भारत सरकार जटिल स्थिति में फंस गई हो। सरकार सीधे दलाई लामा से ऐसे सार्वजनिक बयान न देने के लिए कह नहीं सकती है। इसलिए उसने स्थानीय अधिकारियों से पत्रकारों को तिब्बती धर्मगुरु से बात नहीं करने का आग्रह करवाने का रास्ता चुना है।"
रविवार को अरूणाचल प्रदेश पहुंचे दलाई लामा ने अपने दौरे के पहले दिन पत्रकारों से दो अलग अलग चर्चाओं में चीन पर हमला बोलते हुए विवाद को और बढ़ाया दिया है। दलाई लामा ने कहा कि उनकी अरूणाचल प्रदेश की यात्रा पर चीन का विरोध पूरी तरह आधारहीन और इसमें कोई असामान्य बात नहीं है।
उन्होंने चीन पर आरोप लगाया कि वह अनावश्यक रूप से उन पर तिब्बत में एक अलगाववादी आंदोलन को प्रोत्साहन देने के आरोप लगाने का प्रयास कर रहा है। उल्लेखनीय है कि चीन ने दलाई लामा के अरूणाचल प्रदेश दौरे का विरोध किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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