कर्नाटकः येदियुरप्पा झुके, मुश्किलें बरकरार
नई दिल्ली/बेंगलुरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने भले ही अपने रुख में नरमी लाते हुए रेड्डी बंधुओं से बातचीत का प्रस्ताव मान लिया हो लिकिन उनके नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का संकट अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को दिन भर चले बातचीत के कई दौर के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि शुक्रवार को येदियुरप्पा और रेड्डी बंधु संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे और संकट का समाधान निकाल लिया जाएगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री खेमे के प्रतिनिधि वी. धनंजय कुमार ने गुरुवार रात संवाददाताओं से कहा, "मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा और रेड्डी बंधु शुक्रवार को संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे जिसमें वे कर्नाटक में जारी संकट का समाधान पेश करेंगे।"
शोभा करंद्लाजे हट सकती हैं
माना जा रहा है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने असंतुष्टों के समक्ष समझौते के लिए मुख्यमंत्री की करीबी माने जाने वाली और भाजपा सरकार की एकमात्र महिला मंत्री शोभा करंद्लाजे को हटाने का प्रस्ताव रखा है।
उधर बेंगलुरू में करंद्लाजे ने भी गुरुवार को कहा कि मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा की सरकार को बचाने के लिए वह मंत्री पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं। नई दिल्ली में पार्टी नेताओं ने कहा कि येदियुरप्पा और प्रदेश के पर्यटन मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी के साथ दिन भर बातचीत का दौर चला और यह शुक्रवार को भी जारी रहेगा जिसमें किसी समाधान की आशा है।
धनंजय कुमार ने कहा कि गुरुवार को बातचीत में जी. जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई और प्रदेश में राजस्व मंत्री जी. करुणाकर रेड्डी मौजूद नहीं थे। उम्मीद है कि केंद्रीय नेतृत्व के साथ बातचीत के लिए वह शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे।
संकट सुलझने की उम्मीद
इससे पहले पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने गुरुवार को संकट को जल्द सुलझा लेने का दावा किया। राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग को लेकर पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में डेरा डाले रेड्डी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू से मुलाकात की। मुलाकात के बाद रेड्डी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं मुख्यमंत्री से नहीं मिल रहा हूं।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार शाम दिल्ली पहुंचे येदियुरप्पा ने सुलह के लिए अपने रुख में नरमी लाने का संकेत देते हुए गुरुवार सुबह पत्रकारों से चर्चा में कहा कि वह रेड्डी बंधुओं से भी मिलने की कोशिश कर रहे हैं। येदियुरप्पा ने भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और उससे पहले वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू और सुषमा स्वराज से अलग-अलग मुलाकात की थी।
येदियुरप्पा से मुलाकात के संबंध में पूछे जाने पर राजनाथ ने संवाददाताओं से कहा, "जिस तरह से झारखण्ड में जनता दल (युनाइटेड) के साथ विवाद सुलझा लिया गया उसी तरह कर्नाटक विवाद भी जल्द सुलझ जाएगा।" उल्लेखनीय है कि भाजपा और जद (यु) झारखंड में मिलकर चुनाव लड़ने पर सहमत हो गए हैं।
नेतृत्व परिवर्तन नहीं
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना से इंकार करते हुए राजनाथ ने कहा कि उनके पास नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं आया। जो थोड़े बहुत मतभेद हैं, उन्हें सुलझाने की कोशिशें हो रही है। इन्हें जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
असंतुष्टों का नेतृत्व कर रहे पर्यटन मंत्री जी.जनार्दन रेड्डी और उनके बड़े भाई राजस्व मंत्री जी. करुणाकर रेड्डी सभी मंत्रालयों के कामकाज में हस्तक्षेप करने के लिए करंद्लाजे को निशाना बना रहे हैं। असंतुष्टों का आरोप है कि करंद्लाजे दूसरे मुख्यमंत्री की तरह व्यवहार करती हैं। हालांकि करंद्लाजे इस आरोप से इंकार करती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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