पानी की खोज में चांद पर धमाका

नासा के इस सफल परीक्षण के परिणाम फिलहाल नहीं मिले हैं, लेकिन अंतरिक्ष वैज्ञानिक इसे एक बड़ा प्रयोग मान रहे हैं। शुक्रवार को किए गए इस वार में दो धमाके किए गए। सैटेलाइट द्वारा भेजी गई तस्वीरों में देखा गया कि धमाके से चांद की सतह से कई मील ऊपर तक धूल उड़ी।
मिल रही हैं सीधी तस्वीरें
चंद्रमा पर वार करने वाले इस अंतरिक्ष यान का नाम 'एलसीआरओएसएस" है। ये एक सेंसर सैटेलाइट है। इसमें चांद का परीक्षण करने के लिए कई उपकरण लगाए गए हैं, जो वहां की सीधी तस्वीरें पृथ्वी रहे हैं। चांद पर हो रही इस घटना को देखते के लिए दुनिया भर के अंतरिक्ष केंद्रों में दूरबीनें लगाई गई हैं।
भारत में कोलकाता, मुंबई और दिल्ली समेत कई शहरों में स्थित प्लेनिटेरियम में लगीं दूरबीनों से चांद पर हो रही गतिविधियों को देखने के लिए खगोलशास्त्रियों, वैज्ञानिकों और छात्रों की भीड़ लग गई है। हालांकि एशिया के किसी भी स्थान से चांद की इन गतिविधियों को देखना संभव नहीं है।
चंद्रयान ने ढूंढे थे पानी होने के सबूत
असल में नासा ने पहले ही कह दिया था कि ये सभी गतिविधियां सिर्फ अमेरिका के हवाइयन द्वीप समूह से ही देखी जा सकेंगी। लेकिन फिर भी एशियाई देश दूरबीनों से इसे देखने के प्रयास कर रहे हैं।
गौरतलब है कि भारत के अनुसंधान केंद्र इसरो के चंद्रयान द्वारा भेजी गई तस्वीरों के अध्ययन के दौरान पिछले महीने चांद पर पानी होने के सबूत मिले थे। इसे चंद्रयान की बड़ी सफलता माना गया था।












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