आंध्रा बाढ़: कृष्णा के तटबंध में दरारें

बंगाल की खाड़ी में नदी के मिलन स्थल के पास कृष्णा और गुंटूर जिले के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है, वहीं हैदराबाद-विजयवाड़ा राजमार्ग पर भी पानी भर जाने की वजह से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। कृष्णा और गुंटूर जिलों के बाढ़ प्रभावित गांवों के अधिकांश लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया गया है। प्रशासन बाढ़ की चपेट में आ सकने वाले क्षेत्रों के लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है।
ढाई लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
प्रशासन ने इन दो जिलों के करीब 200 गांवों से 250,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। विजयवाड़ा शहर के कुछ इलाकों से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। विजयवाड़ा के प्रकाशम बैराज का जलस्तर मंगलवार को 21.9 फीट तक पहुंच गया, जबकि इस बैराज की संरक्षण स्तर 23 फीट है। इस वजह से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
मुख्यमंत्री के.रोसैया ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित पांच जिलों के जिलाधिकारियों के साथ टेलीकांफ्रेंसिंग की। उन्होंने कृष्णा और गुंटूर जिले के अधिकारियों से अगले 36 घंटे तक तटबंधों की निगरानी करने के लिए कहा।
कुरनूल, महबूबनगर में थोड़ी राहत
इधर, कुरनूल और महबूबनगर जिले में लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की है। दरअसल, पड़ोसी कर्नाटक राज्य के बांध से पानी का बहाव रुक गया है। श्रीसैलम ओर नागार्जुन सागर बांध से पानी का बहाव कम हुआ है जिससे प्रशासन को कुरनूल, मंत्रालायम, नंदीयाल शहर और गांव में राहत और बचाव कार्य चलाने में आसानी हुई है।
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित कुरनूल जिले में 28 और महबूबनगर में 17 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा कृष्णा व नालगौंडा में तीन और गुंटूर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। राज्य सरकार ने बाढ़ से 12,225 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाते हुए सोमवार को केंद्र से तत्काल 6,000 करोड़ रुपये की सहायता की मांग की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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