देश भर में हर्षोल्लास से मनी ईद

दिल्ली समेत देश के सभी प्रमुख शहरों में नमाज़ के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। दोपहर से घर-घर में शुरू हुआ दावतों का दौर देर रात तक जारी रहेगा। यही नहीं ईद की सिवाइयां और पकवानों की खुशबू अगले तीन चार दिन तक घरों में महकती रहेगी।
ईद अरबी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ 'उत्सव' और फितर का मतलब 'दान' होता है। इस दिन लोग गरीबों को भोजन या धन के रूप में दान करते हैं।
धर्मगुरुओं ने उठाया पोलियो का मुद्दा
उत्तर प्रदेश में सोमवार को ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने इस मौके पर लोगों से अमन और भाईचारा फैलाने के साथ-साथ पोलियो को जड़ से समाप्त करने का आह्वान किया। राजधानी लखनऊ में सोमवार को हजारों की संख्या में मुसलमानों ने ऐतिहासिक ईदगाह मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में एकत्र होकर ईद की नमाज अदा की और एक दूसरे को मुबारकबाद दी।
धार्मिक नेताओं ने इस अवसर पर सभी से समाज में भाईचारे के साथ मिल-जुल कर काम करने को कहा। सुन्नी धर्मगुरुमौलाना खालिद रशीद फिरंग महली ने संवाददाताओं से कहा कि ईद का त्योहार हमें मिल-जुल कर रहने का संदेश देता है।
महली ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर लोगों से अपील की है कि वे ईद के इस पावन मौके पर पोलियो को जड़ से खत्म करने का संकल्प लें। राज्य में चारों तरफ ईद की रौनक है। नए कपड़े पहने लोग एक दूसरे के गले मिलकर ईद की बधाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री मायावती और राज्यपाल बी.एल.जोशी ने भी लोगों को ईद की बधाई दी है। कानपुर, वाराणसी, फरुखाबाद, अलीगढ़, इलाहाबाद, गोरखपुर आदि स्थानों से भी ईद पूरे जोश और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
कश्मीर में अमन की दुआ मांगी
कश्मीर घाटी में सोमवार को मस्जिदों के समीप विभिन्न मैदानों में हजारों मुसलमान ईद-उल-फितर की नमाज अदा करने के लिए एकत्र हुए। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना के समाचार नहीं हैं और सूत्रों के अनुसार हर जगह ईद की नमाज शांतिपूर्ण संपन्न हुई।
घाटी के विभिन्न स्थानों पर रविवार को चांद दिखाई देने के बाद रमजान का पवित्र महीन समाप्त हो गया और इस्लामी महीना शव्वाल आरंभ हो गया। जम्मू एवं कश्मीर राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी में सबसे अधिक लोग हजरतबल, ईदगाह मैदान, पोलो मैदान और जामिया मस्जिद में एकत्र हुए।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके पिता केंद्रीय मंत्री फारुक अब्दुल्ला ने इस मौके पर जुटे हजारों लोगों के साथ हजरतबल पर ईद की नमाज अदा की। पिछले वर्ष के विपरीत इस वर्ष श्रीनगर और अन्य बड़े कस्बों में सुरक्षा बलों या फिर आम जनता के लिए पटाखों के बारे में कोई भी चेतावनी नहीं जारी की गई।
शहर के अनेक स्थानों पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों और नागरिकों को एक दूसरे को बधाई देते देखा गया। इस मौके पर सद्भावना दिखाने के लिए प्रशासन ने अलगाववादी संगठन नेशनल फ्रंट के अध्यक्ष मुहम्मद नईम खान और महिला अलगाववादी संगठन की प्रमुख आसिया अंदरीब को रविवार शाम रिहा कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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