जेट एयवेजः पायलटों के खिलाफ याचिका

प्रवक्ता के मुताबिक बंबई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ ने नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। इस पर सोमवार को सुनवाई होगी।
वार्ता विफल
इस मसले को सुलझाने के लिए बुधवार देर रात पायलटों और प्रबंधन की वार्ता विफल हो जाने की वजह से गतिरोध बरकरार है। हड़ताली पायलट अपने सहकर्मियों की सेवाएं बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार और न्यायमूर्ति ए.एम. खानवेलकर ने एक आदेश पारित करते हुए एनएजी को औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 22 और 23 के तहत अवैध हड़ताल पर नहीं जाने को कहा था।
450 उड़ाने रद्द
अपने आदेश में खंडपीठ ने कहा था कि याचिकाकर्ता जेट एयरवेज औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत सार्वजनिक सुविधा सेवा मुहैया करवा रही है। इसलिए न्यायालय ने पायलटों की यूनियन को हड़ताल पर नहीं जाने को कहा था।
हड़ताल की वजह से अब तक देश भर में करीब 450 उड़ाने रद्द की जा चुकी हैं जिनकी वजह से पिछले दो दिनों में 28,000 से ज्यादा यात्रियों को असुविधा उठानी पड़ी है।
गुरुवार को 136 घरेलू और 31 अंतर्राष्ट्रीय उड़ाने रद्द करनी पड़ीं। इस मसले को सुलझाने में सरकार गुरुवार को योगदान दे सकती है। सरकार इस सिलसिले में अनिवार्य सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) भी लगाने पर विचार कर सकती है और हड़ताली पायलटों से भी मुलाकात कर सकती है।
जेट प्रबंधन ने जोर दिया है कि सामूहिक तौर पर चिकित्सा अवकाश पर गए पायलटों को अपनी बीमारी का चिकित्सा प्रमाण पत्र देना होगा। उधर पायलटों का कहना है कि वे काम पर तभी लौटेंगे जब उनके पांच सहकर्मियों को बहाल किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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