पाकिस्तान खुद बना रहा है ड्रोन विमान

पाकिस्तान ने गुरुवार को पंजाब प्रांत में स्थित कामरा जिले में ऐरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स में मानव रहित विमान का निर्माण योजना आरंभ कर दी है। चूंकि अमेरिका ने ड्रोन तकनीकी देने से मना कर दिया था, लिहाजा इस काम में पाकिस्तान की मदद इटली की लड़ाकू विमान बनाने वाली सेलेक्स गलीलियो कर रही है।
मिसाइल हमले में इस्तेमाल हो सकेगा ड्रोन
पाकिस्तान वायुसेना को और ज्यादा मजबूत के उद्देश्य से शुरू हुई इस परियोजना का उद्घाटन पाक वायुसेना के एयर मार्शल फरहत हुसैन खान ने किया। पाकिस्तानी एयर मार्शल के मुताबिक फिलहाल ड्रोन विमानों का इस्तेमाल जासूसी विमान के रूप में किया जाएगा। इसके माध्यम से पाकिस्तान अपने दुश्मनों पर नजर रख सकेगा।
पाकिस्तान को मिली टेक्नोलॉजी को आगे चलकर विकसित किया गया तो यही विमान मिसाइल व बम हमले में कारगर साबित हो सकेंगे। हालांकि यह बात पाकिस्तान ने खुलकर नहीं कही है।
निशाने पर वार करता है ड्रोन
पाकिस्तानी ड्रोन विमान वही काम करेंगे जोकि अमेरिकी ड्रोन तालिबानियों के खातमे के लिए कर रहा है। मानव रहित इस विमान का इस्तेमाल न केवल जासूसी विमान के रूप में किया जा सकता है, बल्कि कंप्यूटर द्वारा निर्देश
देने पर ये विमान ठीक उसी जगह वार करता है, जहां के निर्देश दिए जाते हैं।
इस विमान को बम और मिसाइलों से लैस कर आसमान में छोड़ दिया जाता है। विमान को अपनी सेना में शामिल करने के लिए हाल ही में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अमेरिका से ड्रोन तकनीकी मांगी थी, लेकिन अमेरिका ने बंद शब्दों में इंकार कर दिया था।












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