निकारागुआ चले गए थाकसिन शिनावात्रा
समाचार एजेंसी डीपीए ने अरेबियन बिजनेस पत्रिका के हवाले से बताया कि शिनवात्रा पिछले महीने भर से संयुक्त अरब अमीरात में थे।
थाइलैंड सरकार ने सोमवार को शिनावात्रा का पासपोर्ट रद्द कर दिया था। सरकार ने यह कदम शिनवात्रा पर यह आरोप लगाते हुए उठाया था कि उन्होंने विदेश से फोन के जरिये अपने समर्थकों को संबोधित कर उन्हें सरकार का तख्ता पलट करने के लिए उकसाने का काम किया। समर्थकों को संबोधित करते हुए शिनावात्रा ने कथित तौर पर लोगों से क्रांति करने का आह्वान किया।
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता थारिट चारूंगवात ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की थी निकारागुआ ने जनवरी में शिनावात्रा को कूटनीतिक पासपोर्ट जारी किया था। उन्होंने बताया कि थाई सरकार ने निकारागुआ सरकार से शिनवात्रा का प्रत्यर्पण करने का अनुरोध किया है हालांकि दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है।
वर्ष 2001 से 2006 तक थाईलैंड के प्रधानमंत्री शिनवात्रा को पद का दुरूपयोग करने के जुर्म में दो साल की कैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा थाईलैंड में 11-12 अप्रैल को होने वाले दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन के सम्मेलन के दौरान विरोध प्रदर्शन भड़काने के आरोप में उनके खिलाफ वारंट जारी किए गए हैं।
शिनावात्रा गत अगस्त से निर्वासित जीवन बिता रहे हैं लेकिन विदेशों से ही थाईलैंड की वर्तमान सरकार के खिलाफ अभियान जारी रखे हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज एजेंसी।












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