लिट्टे के अंतिम समुद्री ठिकाने पर सेना का कब्जा (लीड-2)
कोलंबो, 5 फरवरी (आईएएनएस)। श्रीलंकाई सेना ने गुरुवार को मुल्लइतिवु में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के अंतिम समुद्री ठिकाने पर कब्जा कर लिया। यहां सेना और तमिल टाइगर्स के बीच जारी भीषण संघर्ष में कम से कम 12 तमिल टाइगर्स की मौत हो गई।
सेना ने बताया कि लिट्टे के चालई समुद्री ठिकाने पर 55 वीं डिवीजन के जवानों ने पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर लिया है।
सेना के बयान में कहा गया कि इस ठिकाने पर लिट्टे के समुद्री शाखा के उपप्रमुख विनयंगम समेत तीन वरिष्ठ तमिल टाइगर्स मारे गए हैं।
इससे पहले बुधवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने कहा था कि अगले कुछ दिनों में ही लिट्टे को निर्णायक रूप से पराजित कर दिया जाएगा।
इस बीच तमिल टाइगरों के साथ शत्रुता खत्म करने के लिए उसके साथ वार्ता के सुझावों को खारिज करते हुए श्रीलंका ने कहा कि उसे लिट्टे के बिना शर्त समर्पण से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
उधर टोक्यो को-चेयर्स नामक संगठन ने तमिल टाइगरों के साथ शत्रुता खत्म कर उसके साथ वार्ता का सुझाव पेश किया है जिसे श्रीलंका ने खारिज कर दिया। इस संगठन में अमेरिका, जापान, यूरोपीय संघ और नार्वे शामिल हैं।
लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) और सेना के बीच सैनिक संघर्ष में फंसे नागरिकों की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए संगठन ने विद्रोहियों से शत्रुता खत्म करने के उपायों सहित हथियार डालने और हिंसा खत्म करने पर कोलंबो के साथ चर्चा करने को कहा।
उन्होंने लिट्टे से श्रीलंका सरकार के माफी के प्रस्ताव को स्वीकार करने और एक न्यायपूर्ण तथा स्थायी राजनीतिक समाधान में राजनीतिक दल की तरह हिस्सा लेने का आग्रह किया।
समाचार पत्र 'आइसलैंड' के अनुसार उधर रक्षामंत्री गोटाभ्या राजपक्षे ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इस बात की आशा नहीं करनी चाहिए कि लिट्टे को हराने के बाद नई राजनीतिक प्रक्रिया में उसे एक राजनीतिक पार्टी के रूप में शामिल किया जाएगा।
अखबार के अनुसार राष्ट्रपति राजपक्षे के छोटे भाई गोटाभ्या ने कहा कि इससे अधिक हास्यास्पद और कुछ भी नहीं हो सकता। लिट्टे के बिना शर्त समर्पण से कम कुछ भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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