पाकिस्तान से ईशनिंदा के आरोपी 5 अहमदिया मुसलमानों को रिहा करने की मांग
इन पांच अहमदिया मुसलमानों में एक वयस्क और चार बच्चे हैं। इन सभी को लय्याह जिले के कोट सुल्तान की स्थानीय गुलजार-ए-मदीना मस्जिद के शौचालय की दीवारों पर पैगम्बर मुहम्मद का नाम लिखने के आरोप में 28 जनवरी को गिरफ्तार किया गया।
पाकिस्तानी दंड संहिता की धारा 295-सी के अनुसार ईशनिंदा के लिए मौत या आजीवन कारावास की सजा निर्धारित है।
अहमदिया मुसलमानों द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार पांचों गिरफ्तार लोगों के नाम मुबशार अहमद (50 वर्ष), ताहिर इमरान(16 वर्ष), नसीर अहमद(14 वर्ष), मुहम्मद इरफान(14 वर्ष) और ताहिर मुहम्मद (14 वर्ष) हैं।
पाकिस्तान के अहमदिया मुसलमानों के प्रवक्ता सलीम-उद्-दीन ने एक बयान में कहा कि पांचों अहमदिया मुसलामानों के खिलाफ आरोप गलत और बेबुनियाद हैं। पुलिस के पास इन आरोपों का कोई सबूत नहीं है और वह क्षेत्र में धार्मिक घृणा फैलाने वालों के दबाव में है।
कनाडा में अहमदिया मुसलमानों के अध्यक्ष लाल खान मलिक ने कहा कि चार किशोरों को गिरफ्तार करके पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के बाल अधिकार समझौते का उल्लंघन किया है। मलिक ने चारों बच्चों को रिहा कर पाकिसतान से अपनी अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाने को कहा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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