राष्ट्रपति ने प्लास्टिक उद्योग से की कचरा प्रबंधन की अपील
पाटिल सातवीं अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक प्रदर्शनी व सम्मेलन 'प्लास्ट इंडिया-2009' का बुधवार को यहां उद्घाटन करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रही थीं।
उन्होंने कहा, "प्लास्टिक का स्वभाव ऐसा है कि इस पर रासायनिक अभिक्रिया नहीं होती। लेकिन सवाल इसके नष्ट न होने को लेकर है। इस कारण इसके इस्तेमाल को लेकर चारों ओर आलोचनाएं शुरू हो गई हैं।"
राष्ट्रपति ने कहा, "प्लास्टिक के नष्ट न होने के गुण ने उसे पर्यावरणवादियों की नजर में एक निषेधात्मक पदार्थ बना दिया है।"
पाटिल ने कहा कि देशभर में फैले प्लास्टिक के कचरे ने पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया है।
पाटिल ने कहा, "मुझे बताया गया है कि प्लास्टिक उद्योग इन चुनौतियों से निपटने के लिए कमर कस रहा है। मुझे भरोसा है कि हम उच्च प्रदर्शन वाले प्लास्टिक व जैविक रूप से नष्ट होने वाले पॉलीमर जैसे शोध व विकास के बड़े कदम उठाएंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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