लिट्टे का खात्मा जल्द : राजपक्षे (राउंडअप)
दूसरी ओर अमेरिका व ब्रिटेन जैसे यूरोपीय देशों ने श्रीलंका सरकार व लिट्टे से कुछ दिनों के अस्थायी युद्ध विराम का आह्वान किया।
वहीं, तमिलनाडु व पुड्डुचेरी में लिट्टे समर्थकों ने 12 घंटे बंद का आयोजन किया और श्रीलंका में तमिलों की हत्या पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
राजपक्षे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत में विपक्षी पार्टियों के एक समूह ने श्रीलंका में तमिलों की हत्या के खिलाफ व युद्ध विराम के समर्थन में तमिलनाडु व पुडुचेरी में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया।
बंद समर्थक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि नई दिल्ली ने कोलंबो पर दबाव नहीं बनाया तो वे आंदोलन को और तेज कर देंगे।
उधर श्रीलंका 61वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में कोलंबो में आयोजित समारोह में राजपक्षे ने कहा, "मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि कुछ ही दिनों के भीतर हम आतंकी तत्वों को पूरी तरह पराजित कर देंगे।"
तमिल लड़ाके फिलहाल मुल्लइतिवु जिले में 300 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में सिमट कर रह गए हैं।
राजपक्षे ने कहा कि हालांकि श्रीलंका में हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, लेकिन सही मायने में स्वतंत्रता दिवस तभी मनाया जाएगा, जब देश की धरती इन आतंकी तत्वों से पूरी तरह मुक्त हो जाएगी।
उधर, अमेरिका व ब्रिटेन ने श्रीलंका में अस्थायी युद्ध विराम का आह्वान किया है। दोनों देशों ने संयुक्त रूप से कहा है कि अब इस दीर्घकालिक विवाद के राजनीतिक समाधान का समय आ गया है और श्रीलंका सरकार तथा तमिल लड़ाकों के बीच फिर से बातचीत शुरू की जानी चाहिए।
अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन व ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड के बीच वाशिंगटन में बुधवार को आयोजित एक बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में उत्तरी श्रीलंका में गहराए मानवीय संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
क्लिंटन व मिलिबैंड ने श्रीलंका सरकार व लिट्टे से आह्वान किया कि युद्ध के बीच फंसे बेगुनाह नागरिकों की सुरक्षा के लिए वे कुछ समय के युद्ध विराम पर राजी हो जाएं।
अमेरिकी दूतावास से जारी एक बयान में कहा गया है कि दोनों नेता इस दीर्घकालिक विवाद के किसी राजनीतिक समाधान के अपने विचार पर दृढ़ हैं। बयान में कहा गया है कि अब राजनीतिक बातचीत शुरू करने का समय आ गया है।
इधर, श्रीलंका में तमिल नागरिकों की मौत के विरोध में तमिलनाडु में प्रदर्शन करने वाले 1100 लोगों को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुड्डचेरी में भी विरोध प्रदर्शन की वजह से जन-जीवन प्रभावित हुआ।
तमिलनाडु के अधिकारियों ने कहा कि पूरे राज्य में जनजीवन सामान्य रहा, जबकि विपक्षी नेताओं ने दिन भर की हड़ताल को सफल बताया।
स्थानीय लोगों के अनुसार चेन्नई में व्यापारिक प्रतिष्ठान, दुकानें और स्कूल आम तौर पर खुले रहे और यातायात सामान्य रहा।
राज्य के पुलिस महानिदेशक के. पी. जैन ने आईएएनएस को बताया कि पूरे राज्य से 500 से अधिक असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया गया।
पुड्डचेरी में हड़ताल की वजह से सड़कें वीरान रहीं। तमिल नेता पी. नेदुमारन ने आईएएनएस से कहा, "पुड्डचेरी में सरकार के दबाव और पुलिस की चेतावनी के बावजूद हड़ताल पूरी तरह सफल रही।"
उन्होंने कहा कि अगर केंद्र और राज्य सरकारों ने तमिलों की भावनाओं की अनदेखी जारी रखी तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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