शिवराज को हुआ किसानों के गुस्से का एहसास
भारतीय किसान संघ द्वारा बुधवार को लाल परेड मैदान में आयोजित किसान सम्मेलन में पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने खुद को किसान बताया और किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी हर सांस इस वर्ग के लिए चलेगी। मुख्यमंत्री के सम्मेलन में पहुंचने से पहले कई किसान नेताओं ने अपनी समस्याएं गिनाईं और केन्द्र व राज्य सरकार पर निशाना साधने से भी वे पीछे नहीं रहे।
मुख्यमंत्री जब सम्मेलन में पहुंचे तब भी समस्याओं और मुश्किलों का ब्योरा किसान नेता दिए जा रहे थे। चौहान भी इसे भांप गए और उन्होंने किसानों की पानी तथा बिजली की समस्या के निदान के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का ब्योरा दे डाला।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार लगातार राज्य के साथ उपेक्षापूर्ण बर्ताव कर रही है। बिजली और कोयले के कोटे में कटौती कर दी गई है। इसके अलावा कम वर्षा होने के कारण भी बिजली उत्पादन घट गया है। इतना होने के बावजूद उनकी सरकार किसानों को जरूरत की बिजली उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास कर रही है।
इसी तरह चौहान ने किसानों की पानी की समस्या के समाधान के लिए चलाए जा रहे जलाभिषेक अभियान और बलराम तालाब योजनाओं का ब्योरा भी दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार स्वर्णिम मध्य प्रदेश बनाना चाहती है। इसके लिए उन्होंने सात संकल्प भी तय कर रखे हैं, जिन पर अमल जारी है।
किसान सम्मेलन में प्रदेश भर से पहुंचे किसानों को नई-नई तकनीकों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी मुहैया कराने के उद्देश्य से आयोजन स्थल पर ही प्रदर्शनी लगाई गई थी। इसके जरिए किसानों को उन्नत फसल पैदा करने के तरीके बताए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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