मुखर्जी बने बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष (लीड-1)
केंद्रीय मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी की लंबी बीमारी के मद्देनजर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को मुखर्जी को पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया। उनकी नियुक्ति लोकसभा चुनाव तक प्रभावी रहेगी। वर्ष 1985 में वे पहली बार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में पिछले तीन दशकों से वामपंथी दलों का राज है। कांग्रेस वहां इस समय प्रमुख विपक्षी दल की भूमिका में भी नहीं है। पश्चिम बंगाल की तेजतर्रार नेता ममता बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस का गठन कर लिया था जो आज वहां प्रमुख विपक्षी दल की भूमिका निभा रही है। पश्चिम बंगाल में काफी समय से कांग्रेस यह प्रयास कर रही है कि तृणमूल कांग्रेस से गठजोड़ कर वामपंथी दलों की कड़ी चुनौती दी जाए लेकिन यह प्रयास अभी तक परवान नहीं चढ़ सका है। मुखर्जी तृणमूल कांग्रेस से गठबंधन के पक्षधर रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुखर्जी को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपने के साथ ही लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पश्चिम बंगाल की 24 सदस्यीय चुनाव अभियान समिति और 17 सदस्यीय समन्वय समिति के गठन को भी हरी झंडी दे दी। वरिष्ठ नेता सुब्रतो मुखर्जी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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