पशुपतिनाथ मंदिर मामले में माओवादी फिर संघर्ष की राह पर
काठमांडू, 22 जनवरी (आईएएनएस)। नेपाल के सबसे पवित्र मंदिरों में एक पशुपतिनाथ पर कब्जे को लेकर चले विवाद में एक पखवाड़े पहले मुंह की खाने वाली माओवादी पार्टी एक बार फिर नई लड़ाई को हवा देने की तैयारी में है।
सर्वोच्च न्यायालय ने प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' की सरकार को इस मामले पर अंतिम निर्णय आने से पहले मंदिर प्रशासन से कोई छेड़छाड़ नहीं करने का आदेश दिया था।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए प्रबंधन न्यास ने 17 वीं सदी में बने इस मंदिर में पुजारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर चर्चा के लिए गुरुवार से तीन दिन का सत्र आयोजित किया है।
पशुपतिनाथ क्षेत्र विकास न्यास के प्रमुख तथा नेपाल के संस्कृति और पुनर्गठन मंत्री गोपाल किरांती ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को अन्यायपूर्ण करार देते हुए संकेत दिया कि वे मंदिर में भारतीय पुजारियों को नियुक्त करने के लिए तैयार नहीं हैं। न्यास के जिम्मे ही मंदिर के प्रबंधन का कार्य है।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने भारतीय पुजारियों को हटाने और उनके स्थान पर स्थानीय पुजारियों की नियुक्ति को लेकर पैदा हुए विवाद के कारण 300 वर्षो के इतिहास में पहली बार कुछ दिनों तक मंदिर में पूजा बाधित रही थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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