बिहार में अराजपत्रित कर्मचारियों की हड़ताल 16 वें दिन जारी
राज्य के कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव आमिर सुबहानी ने गुरुवार को बताया, "सभी विभागों के प्रधान सचिव, नियंत्री पदाधिकारियों और जिलाधिकारियों को हड़ताली कर्मचारियों की सूची जुटाकर उन्हें व्यक्तिगत नोटिस भेजने के आदेश दिए गए हैं। हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ बिहार सेवक आचार नियमावली-1976 के तहत कारवाई की जाएगी।"
बिहार वित्त विभाग पहले ही आदेश जारी कर चुका है कि हड़तालियों पर 'काम नहीं तो वेतन नहीं' का सिद्धांत लागू होगा।
उधर, हड़ताल में शामिल बिहार सचिवालय सेवा संघ के महासचिव अनिल कुमार सिंह ने आईएएनएस से कहा, "ऐसी धमकी हमलोग कई बार झेल चुके हैं, एक बार और सही। मांग पूरी होने तक हड़ताल से वापस जाने का सवाल ही नहीं उठता है।"
दूसरी ओर हड़ताल के 16 वें दिन भी हड़ताली कर्मचारियों ने जुलूस निकाला तथा विकास भवन के समक्ष सभा की। कर्मचारियों ने हड़ताल को सफल बताते हुए इसे मांग नहीं पूरी होने तक जारी रखने का ऐलान किया। बिहार राज्य अराजपत्रित महासंघ के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि पूरे राज्य में सचिवालय से लेकर प्रखंड कार्यालय तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सरकारी कार्य ठप हैं लेकिन सरकार अपनी जिद पर अड़ी है।
उल्लेखनीय है कि राज्य के अराजपत्रित कर्मचारी महासंघों, राज्य सचिवालय संघ और शिक्षकों के सात संगठनों वाला बिहार राज्य प्राथमिक-माध्यमिक शिक्षाकर्मी संयुक्त मोर्चा के लगभग तीन लाख कर्मचारी सात जनवरी से हड़ताल पर हैं। ये अपने वेतन में वृद्धि की मांग कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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