मिलिबैंड की अपने ही देश में आलोचना
लंदन, 22 जनवरी (आईएएनएस)। ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने पिछले दिनों अपनी भारत यात्रा के दौरान जो विवादास्पद बयान दिया था उससे ब्रिटेन के लोग भी आश्चर्य में हैं। अब उनके ही देश में उनके बयानों की आलोचना हो रही है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री गार्डन ब्राउन के करीबी एक सांसद ने 'डेली टेलीग्राफ' से बातचीत में कहा कि ब्राउन ने पिछले सोमवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जार्ज बुश का जिस गर्मजोशी के साथ समर्थन किया, मिलिबैंड को उन बातों पर गौर करना चाहिए। ब्राउन ने कहा था कि बुश ने आतंकवाद के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी उसके लिए उन्हें धन्यवाद।
उन्होंने कहा कि मिलिबैंड ने भारत में जो बयान दिए थे वह उनके अपने विचार हैं। उल्लेखनीय है कि मिलिबैंड ने मुंबई हमले के संदर्भ में कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध भ्रामक और गलत है।
अखबार 'गार्डियन' ने गुरुवार को ब्रिटेन के विदेश विभाग के हवाले से उन खबरों का खंडन किया है कि मिलिबैंड के बयानों पर नाखुशी जताते हुए भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ब्राउन को कोई पत्र लिखा है।
अखबार 'दि डेली टेलीग्राफ' ने प्रोटोकोल और सामान्य शिष्टाचारों के उल्लंघन के लिए भी मिलिबैंड की आलोचना की। अखबार ने लिखा है कि भारतीय विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने उन्हें सम्मानसूचक शब्द से संबोधित किया जबकि मिलिबैंड ने मुखर्जी को उनके नाम से संबोधित किया।
अखबार ने संयुक्त राष्ट्र की पूर्व राजदूत अरूंधति घोष के हवाले से लिखा है, "मिलिबैंड का रवैया पूरी तरह उद्दंडता भरा था।"
कंजरवेटिव पार्टी के सदस्य व छाया विदेश मंत्री विलियम हेग ने मिलिबैंड की आलोचना करते हुए कहा, "यह साफ हो गया है कि मिलिबैंड के भारत दौरे से वहां की सरकार दुखी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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