अध्यात्म की ओर बढ़ रहा है भारतीयों का रूझान
उन्होंने आईएएनएस से चर्चा करते हुए कहा, "संकटकालीन परिस्थिति में अध्यात्म से बेहद शुकून मिलता है। यह धर्म से परे है। परिस्थितियां कभी भी आपके वश में नहीं होती लेकिन अध्यात्म आपको संकटकालीन परिस्थितियों का सामना करने में सहायता करता है। इसलिए बड़ी संख्या में लोगों का अध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ रहा है।"
समदर्शिनी कहती हैं, "निजी व पेशेवर जिंदगी से जुड़ी समस्याओं से घिरे सभी सम्प्रदायों व वर्गो के लोग अध्यात्म की ओर भाग रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "न सिर्फ औद्योगिक जगत के बल्कि सभी क्षेत्र के लोगों का अध्यात्म के प्रति रूझान बढ़ा है। ये लोग तनाव दूर करने के लिए अध्यात्म का सहारा लेते हैं।"
उनका मानना है कि अध्यात्म से संबंधों को भी मजबूत किया जा सकता है। सामान्यत: ऐसा होता है कि हम आगे बढ़ कर माफी मांगने और सॉरी कहने से कतराते हैं। अध्यात्म आपको ऐसे मामलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
समदर्शिनी ने कहा कि उनके विश्वविद्यालय में आदिवासियों व गांव के लोगों के लिए अध्यात्म से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों की मुफ्त शिक्षा दी जाती है। ऐसा ही एक पाठ्यक्रम हमने आंध्रप्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चलाया था। इसे शुरू करने में हम घबरा रहे थे लेकिन पहले बैच में 150 लोग आए और दूसरे में 500 लोगों ने हिस्सा लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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