अमेरिका ईसाइयों, मुलसमानों, यहूदियों व हिंदुओं का : ओबामा (लीड-2)
उन्होंने कहा, "हम सभी जानते हैं कि अमेरिका में विभिन्न धर्मो के लोग रहते हैं। यह हमारी मजबूती का प्रतीक है न कि कमजोरी का। अमेरिका ईसाइयों, मुसलमानों, यहूदियों, हिन्दुओं और धर्म में विश्वास न करने वालों का राष्ट्र है।"
उन्होंने कहा, "विश्व के कोने-कोने से आई भाषाओं व संस्कृतियों से हमारा देश बना है। नागरिक युद्ध का खट्टा अनुभव भी है हमें। इन सबके बावजूद हम एक हैं। शांति के नए युग की शुरुआत करने के लिए अमेरिका को अहम भूमिका निभानी होगी।"
उन्होंने कहा, "हमारी अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है क्योंकि हमने समय रहते कोई निर्णय नहीं लिया। आज यह डर व्याप्त है कि अमेरिका का पतन अवश्यंभावी है। हमारे सामने बहुत सी चुनौतियां हैं पर हम उनका सफलतापूर्वक सामना करेंगे।"
ओबामा ने कहा, "मैं राष्ट्रपति बुश को उनकी देश सेवा के लिए धन्यवाद देता हूं। हमारे पास अकूत क्षमताएं हैं। आज से हम अमेरिका का पुननिर्माण करेंगे। हम नई नौकरियों का सृजन करेंगे। सरकारी खर्च के लिए जिम्मेदार लोगों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।"
उन्होंने कहा, "हम नए खतरों का सामना कर सकते हैं। हम आतंक को हराएंगे। हमारे पास मजबूत इच्छाशक्ति है। हमारे यहां ईसाई, यहूदी, मुस्लिम और हिंदू हैं। हमारे यहां सभी धर्मो के लोग हैं।"
ओबामा ने कहा, "हम गरीब राष्ट्रों के साथ काम करेंगे। हम विकसित राष्ट्रों से कहेंगे कि हम अपनी सीमाओं से बाहर प्रभावित हो रहे गरीब और कमजोर तबके के प्रति संवेदनहीन नहीं रह सकते।"
उन्होंने कहा, "हमारी चुनौतियां नई हो सकती हैं, उससे निपटने के तरीके नए हो सकते हैं, पर हमारे पास शाश्वत मूल्य हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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