बिहार में अराजपत्रित कर्मचारियों की हड़ताल 14वें दिन भी जारी
सोमवार देर रात कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने हड़ताली कर्मचारियों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि तीन दिनों के अंदर अगर हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह अवधि 21 जनवरी को पूरी हो रही है।
बिहार राज्य अराजपत्रित संघ (गोप गुट) के अध्यक्ष मंजुल दास ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया, "सरकार कर्मचारियों को राजकीय सेवा में निहित आचार संहिता की याद दिला रही है परंतु उसे अपने लिखित समझौते की याद नहीं है।" उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, गोवा, हरियाणा सहित कई राज्यों में केंद्रीय वेतनमान की सिफारिशें लागू हो चुकी हैं लेकिन बिहार सरकार ने उपेक्षात्मक रूख अपना रखा है। राज्य सचिवालय सेवा संघ की अध्यक्ष नीलम कपूर ने कहा है कि यह हड़ताल सरकारी चेतावनी से नहीं बल्कि सम्मानजनक वार्ता से खत्म होगी।
उधर, राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि राज्यकर्मियों की मांगें पूरी करने के लिए सरकार अपना खजाना खाली नहीं करेगी। उन्होंने दावा किया कि हड़ताल के कारण राज्य में विकास बाधित नहीं हुआ है हालांकि कामकाज की गति धीमी जरूर हुई है।
उल्लेखनीय है कि छठे वेतनमान की सिफारिशों को केन्द्र सरकार की तर्ज पर लागू करने की मुख्य मांग को लेकर राज्यभर के अधिकांश कर्मचारी सात जनवरी से ही हड़ताल पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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